मुजफ्फरपुर/दरभंगा: बिहार में एक बीडीओ की पत्नी की संदिग्ध मौत ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। दरभंगा जिले के जाले प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मनोज कुमार की पत्नी अमृता कुमारी की मौत अब दहेज हत्या, कथित विवाहेतर संबंध और घरेलू प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोपों के बीच हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामले में बदल चुकी है। पुलिस ने बीडीओ मनोज कुमार को गिरफ्तार करने के बाद बेगूसराय जिला पुलिस बल में तैनात महिला एएसआई अनु कुमारी को भी गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सामने आए कथित प्रेम प्रसंग और अन्य साक्ष्यों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों पर अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक रिपोर्ट और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
क्या है पूरा मामला?
3 जुलाई को मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र स्थित आवास पर बीडीओ मनोज कुमार की पत्नी अमृता कुमारी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं। घटना के बाद मनोज कुमार ने दावा किया कि उनकी पत्नी ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है, लेकिन मृतका के मायके वालों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।






अमृता के भाई राजकुमार ने मिठनपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनकी बहन की हत्या 10 लाख रुपये दहेज की मांग और पति के कथित विवाहेतर संबंध का विरोध करने के कारण की गई। शिकायत में मनोज कुमार के अलावा उनके पिता, माता, भाई, बहन और महिला एएसआई अनु कुमारी को भी नामजद किया गया।
प्रेम विवाह से शुरू हुई कहानी, फिर रिश्तों में आई दरार
पुलिस जांच में सामने आया कि मनोज कुमार और अमृता कुमारी की मुलाकात प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान हुई थी। दोनों ने बाद में प्रेम विवाह किया था। शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य बताया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा।
परिजनों का आरोप है कि शादी के लगभग एक वर्ष बाद अतिरिक्त 10 लाख रुपये दहेज की मांग शुरू हुई। इसी दौरान अमृता को अपने पति के कथित विवाहेतर संबंध की जानकारी मिली। इसके बाद घर में विवाद, झगड़े और प्रताड़ना की घटनाएं बढ़ती चली गईं। कई बार दोनों परिवारों के बीच समझौते की कोशिश भी हुई, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी।
महिला ASI से कथित संबंध ने जांच को दिया नया मोड़
जांच के दौरान पुलिस को बीडीओ मनोज कुमार और बेगूसराय जिला पुलिस बल में तैनात महिला एएसआई अनु कुमारी के बीच कथित प्रेम संबंध की जानकारी मिली। मृतका के परिजनों का आरोप है कि अमृता इस रिश्ते का लगातार विरोध करती थीं, जिसके कारण उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
एसएसपी के अनुसार, पूछताछ और प्रारंभिक जांच में इस कथित संबंध के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर अनु कुमारी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार किया गया। हालांकि पुलिस अभी इस पहलू की विस्तृत जांच कर रही है और किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है।
घटना के बाद फरार हो गया था BDO
पुलिस के अनुसार, पत्नी की मौत के बाद मनोज कुमार घटनास्थल से फरार हो गया था। उसका मोबाइल फोन भी बंद था। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और लगातार छापेमारी के बाद मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार को महिला एएसआई अनु कुमारी को भी सीतामढ़ी से गिरफ्तार किया गया। दोनों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मनोज कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि अनु कुमारी को पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया।
वायरल वीडियो बना जांच का अहम आधार
जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक वीडियो भी लगा है, जिसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वीडियो में अमृता के साथ कथित मारपीट होती दिखाई देने का दावा है। जांच एजेंसियां वीडियो की सत्यता और समय की तकनीकी जांच कर रही हैं।
इसके अलावा घटनास्थल से मिले अन्य डिजिटल साक्ष्य, आरोपी का मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। परिजनों ने यह भी दावा किया है कि अमृता का आईफोन, लैपटॉप और टैबलेट गायब हैं, जिनमें महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है।
पुलिस किन बिंदुओं पर कर रही है जांच?
जांच एजेंसियां फिलहाल कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाश रही हैं:
- क्या अमृता की मौत जहर देने से हुई या उन्होंने आत्महत्या की?
- क्या दहेज की मांग लगातार की जा रही थी?
- कथित विवाहेतर संबंध की घटना में क्या भूमिका रही?
- वायरल वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों से क्या तथ्य सामने आते हैं?
गायब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में क्या महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद थी?
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विश्लेषण और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
पढ़ाई में होनहार थीं अमृता
परिजनों के अनुसार, अमृता कुमारी अर्थशास्त्र में ऑनर्स स्नातक थीं। उन्होंने एक बार बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा भी पास की थी और एडीईओ तथा दारोगा भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। परिवार का कहना है कि उनका सपना सरकारी अधिकारी बनने का था, लेकिन उससे पहले ही उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
एफआईआर में कौन-कौन हैं आरोपी?
मृतका के भाई की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में छह लोगों को आरोपी बनाया गया है—
- बीडीओ मनोज कुमार (पति)
- मनोज कुमार के पिता
- मनोज कुमार की माता
- मनोज कुमार का भाई
- मनोज कुमार की बहन
- महिला एएसआई अनु कुमारी
इन सभी के खिलाफ दहेज हत्या, क्रूरता और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभी क्या है केस की स्थिति?
बीडीओ मनोज कुमार न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं—दहेज, कथित विवाहेतर संबंध, डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट—की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अमृता की मौत किन परिस्थितियों में हुई और किसकी क्या भूमिका थी। फिलहाल आरोप जांच के अधीन हैं और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा।








