Bihar Bomb Blast: बिहार के भागलपुर में हुए काजवलीचक बम ब्लास्ट मामले में आखिरकार अदालत ने अपना बहुप्रतीक्षित फैसला सुना दिया है। इस भीषण घटना के करीब चार साल बाद, व्यवहार न्यायालय ने दो मुख्य दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस निर्णय से पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
भागलपुर बम ब्लास्ट: 14 मौतों का हिसाब! कोर्ट ने सुनाया 10 साल की कड़ी सजा का फैसला, जानें कौन हैं दोषी
Bhagalpur Bomb Blast: भागलपुर के बहुचर्चित बम ब्लास्ट केस में आखिरकार न्याय का दरवाजा खुला है। करीब चार साल पहले हुए काजवलीचक बम धमाके के दो मुख्य दोषियों को व्यवहार न्यायालय ने 10-10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस भीषण घटना में 14 लोगों की जान चली गई थी, जबकि करीब 10 लोग घायल हुए थे।






ततारपुर थाना क्षेत्र के काजवलीचक में 3 मार्च 2022 की देर रात यह दर्दनाक हादसा हुआ था। बम बनाने के दौरान हुए इस भीषण विस्फोट की चपेट में आकर 14 लोगों की मौत हो गई थी। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के कई मकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे।

भीषण धमाका और 14 जिंदगियों का अंत
3 मार्च 2022 की रात भागलपुर का काजवलीचक इलाका एक भयावह बम धमाके से दहल उठा था। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसने न केवल 14 लोगों की जान ले ली, बल्कि लगभग 10 अन्य को भी घायल कर दिया। धमाके की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी और आसपास के मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा था। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था।
अपर लोक अभियोजक हेमकांत झा ने मीडिया को जानकारी दी कि अदालत ने इस मामले में कठोर फैसला सुनाया है।
सात आरोपी, तीन बरी, दो को सजा
इस मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मौत हो गई। शेष पांच आरोपियों में से तीन को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। न्यायिक पदाधिकारी ज्योति कुमार कश्यप की अदालत ने मोहम्मद आजाद और नवीन मंडल को दोषी करार दिया। दोनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही, प्रत्येक दोषी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
इस फैसले के साथ ही भागलपुर के काजवलीचक में हुए उस भयावह बम धमाके के पीड़ितों को न्याय की आस मिली है। अदालत ने दोषियों को सजा सुनाकर यह संदेश दिया है कि ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल लोगों को कानून के शिकंजे से बच पाना मुश्किल है।
काजवलीचक धमाके में 14 लोगों की हुई थी मौत
भागलपुर के ततारपुर थाना क्षेत्र स्थित काजवलीचक में 3 मार्च 2022 की देर रात को यह दर्दनाक हादसा हुआ था। बम बनाने के दौरान हुए एक जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया था। इस घटना में कुल 14 लोगों की जान चली गई थी, जबकि लगभग 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई मकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। अपर लोक अभियोजक हेमकांत झा ने इस फैसले की जानकारी मीडिया को दी।
न्यायिक पदाधिकारी ज्योति कुमार कश्यप की अदालत ने
इस मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के दौरान ही दो आरोपियों की मौत हो गई। शेष पांच आरोपियों में से तीन को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। हालांकि, न्यायिक पदाधिकारी ज्योति कुमार कश्यप की अदालत ने मोहम्मद आजाद और नवीन मंडल को इस Bihar Bomb Blast मामले में दोषी करार दिया। भागलपुर व्यवहार न्यायालय ने इन दोनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अपर लोक अभियोजक हेमकांत झा ने बताया, “अदालत ने मोहम्मद आजाद और नवीन मंडल को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।”
यह फैसला बम धमाकों जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त लोगों के लिए एक सख्त संदेश देता है। न्यायपालिका ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल लोगों को कड़ी सजा भुगतनी पड़ेगी। यह निर्णय पीड़ितों के लिए एक छोटी सी राहत है, जिन्होंने इस त्रासदी में अपने परिजनों को खोया था।









