Bihar NEET Protest: पटना में नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है. गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास तक हुए हंगामे, तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में कुल 21 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं. पुलिस ने इस मामले में छात्र नेता शांतनु शेखर सहित 45 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
इसके अतिरिक्त, आधा दर्जन से अधिक छात्रों को हिरासत में लेकर उनकी भूमिका की जांच की जा रही है. यह कार्रवाई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग के बाद हुई है.






पुलिस पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान
सिटी एसपी मध्य ममता कल्याणी ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि पटना शहर के गांधी मैदान, कोतवाली, सचिवालय और शास्त्रीनगर थानों में कुल 21 मामले दर्ज किए गए हैं. इन मामलों में पुलिस पर पथराव, सरकारी कार्य में बाधा डालने, सड़क जाम करने, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और मारपीट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.

ममता कल्याणी (सिटी एसपी मध्य) ने बताया, “पटना शहर के गांधी मैदान, कोतवाली, सचिवालय और शास्त्रीनगर थानों में कुल 21 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें पुलिस और मजिस्ट्रेट के बयान पर 11 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि 10 मामले आम लोगों की शिकायत पर दर्ज किए गए हैं.”
पुलिस के अनुसार, इन 21 मामलों में से 11 मामले पुलिस और मजिस्ट्रेट के बयान पर दर्ज किए गए हैं, जबकि 10 मामले आम लोगों की शिकायत के आधार पर दर्ज हुए हैं.
किस थाने में कितने मामले दर्ज?
- गांधी मैदान थाना: यहां तीन प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं. इनमें से एक मामला थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा के बयान पर दर्ज हुआ है, क्योंकि प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव में उनका सिर फूट गया था और कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे. दो अन्य मामले मजिस्ट्रेट के बयान पर दर्ज हुए हैं.
- कोतवाली थाना: इस थाने में सबसे अधिक छह मामले दर्ज किए गए हैं. ये सभी पुलिसकर्मियों और मजिस्ट्रेट के बयान पर दर्ज हुए हैं. इनमें पुलिस वाहन में तोड़फोड़, पुलिसकर्मियों पर हमला और सड़क जाम कर आम लोगों को परेशान करने के आरोप शामिल हैं.
- सचिवालय थाना: सचिवालय थाने में दो मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें पुलिस पर पथराव, हमला और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं. दोनों मामले पुलिस और मजिस्ट्रेट के बयान पर दर्ज हुए हैं.
- शास्त्रीनगर थाना: शास्त्रीनगर थाने में पुलिस के बयान पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई है.
आम लोगों की शिकायत पर भी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि चारों थानों में आम नागरिकों की ओर से भी 10 अलग-अलग मामले दर्ज कराए गए हैं. इन शिकायतकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ और अन्य नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है.
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और उपद्रव में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. यह कार्रवाई शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर हुई हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के खिलाफ एक सख्त संदेश है.









