Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। जाले विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी राजनीति के एक प्रमुख स्तंभ और भाकपा के वरिष्ठ नेता हरेश सिंह का शुक्रवार को निधन हो गया। 68 वर्षीय हरेश सिंह ने डीएमसीएच में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे हरेश सिंह अविवाहित थे। उनके निधन की खबर से जोगियारा पंचायत सहित पूरे जाले अंचल में गहरा दुख व्याप्त है। हरेश सिंह ने 15 वर्षों तक जाले अंचल सीपीआई के सचिव के रूप में कार्य किया था। वे जोगियारा पंचायत के पूर्व सरपंच भी रह चुके थे। जनसेवा और समाजवादी विचारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें क्षेत्र में एक सम्मानित पहचान दिलाई थी।






समाजवादी विचारों के धनी हरेश सिंह को श्रद्धांजलि
उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मजरा गांव स्थित उनके आवास पर रखा गया। इसके बाद निकली शव यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। इस दौरान दरभंगा जिला सीपीआई के सचिव नारायणजी झा, मधुबनी जिला सीपीआई के सचिव मिथिलेश झा, वर्तमान अंचल सचिव चंद्र किशोर झा और सीपीआई नेता अहमद अली तमन्ने मौजूद रहे।

जिला कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार साह, शब्बीर बेग, सीपीआई राज्य कंट्रोल कमीशन के पूर्व सदस्य शशिकांत चौधरी, सरफराज अंसारी, नरेश चौधरी, मो. कलाम, शहजाद तमन्ना, छात्र नेता अवनीश कुमार और कुमार किशलय ने भी उन्हें अंतिम विदाई दी।
नेताओं ने बताया अपूरणीय क्षति
क्षेत्रीय विधायक जीबेश कुमार, पूर्व विधायक राम निवास प्रसाद और लोकतांत्रिक संघर्ष मोर्चा के संयोजक श्याम कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं ने हरेश सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने इसे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। हरेश सिंह का निधन जाले विधानसभा क्षेत्र की समाजवादी राजनीति के लिए एक बड़ा झटका है। उनके विचार और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण सदैव प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।









