Darbhanga Teachers Fake Marksheet: बिहार के दरभंगा जिले में शिक्षा विभाग में बड़ा हड़कंप मचा है। फर्जी अंकपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले दो विशिष्ट शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की तैयारी है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने दोनों शिक्षकों से अंतिम बार स्पष्टीकरण मांगा है और साफ कर दिया है कि अगर उनका जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो बर्खास्तगी तय है। यह गंभीर मामला बेनीपुर और अलीनगर प्रखंड से जुड़ा है, जहां शिक्षा व्यवस्था की शुचिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बड़ी खबर: फर्जी डिग्री पर नौकरी! दरभंगा के इन 2 शिक्षकों पर गिरी गाज, अब जाएगी नौकरी?
Bihar Teacher Fraud: बिहार के दरभंगा जिले में फर्जी अंकपत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले दो विशिष्ट शिक्षकों की सेवा समाप्त की जाएगी। यह मामला बेनीपुर और अलीनगर प्रखंड के मध्य विद्यालयों से जुड़ा है, जहां कार्यरत शिक्षकों ने गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर नियुक्ति हासिल की थी। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने इसे अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।






फर्जी अंकपत्र से नौकरी पाने का खुलासा
मामले के उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। बेनीपुर प्रखंड के धरौड़ा मध्य विद्यालय में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षक ओम प्रकाश पटवा ने अपनी नियुक्ति के समय इंटरमीडिएट का जो अंकपत्र जमा किया था, उसमें उन्होंने स्वयं को प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण दिखाया था। हालांकि, जब उनके मूल अंकपत्र की जांच की गई, तो पता चला कि वे इंटरमीडिएट परीक्षा में तृतीय श्रेणी से पास हुए थे। यह स्पष्ट रूप से फर्जीवाड़ा कर शिक्षक की नौकरी हासिल करने का मामला है।
इसी तरह का एक और मामला अलीनगर प्रखंड के कठरा मध्य विद्यालय में कार्यरत शिक्षक सुदर्शन कुमार झा से संबंधित है। बताया जाता है कि दरभंगा के प्रमंडलीय आयुक्त ने पहले ही उन्हें सेवामुक्त करने का आदेश दिया था। लेकिन शिक्षा विभाग की स्थापना शाखा की प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण उन्हें सेवामुक्ति के बजाय प्रखंड शिक्षक बना दिया गया। अब दोनों शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक रही है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर ने इस संबंध में कहा, “मामला अत्यंत गंभीर है। दोनों शिक्षकों से अंतिम बार स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनका जवाब प्राप्त होने के बाद नियोजन समिति को आवश्यक कार्रवाई करते हुए बर्खास्तगी की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया जाएगा। साथ ही संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।”
डीईओ का सख्त रुख: सेवा समाप्ति तय
दोनों शिक्षकों ने अपनी नौकरी बचाने के लिए नए प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने का प्रयास भी किया है, लेकिन जिला शिक्षा पदाधिकारी का रुख साफ है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्पष्टीकरण का संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियोजन समिति को तत्काल प्रभाव से दोनों शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का आदेश दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विभाग इन शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार अन्य विभागीय कार्रवाई भी करेगा। यह कार्रवाई शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ओम प्रकाश पटवा पर क्या है आरोप?
बेनीपुर प्रखंड के धरौड़ा मध्य विद्यालय में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षक ओम प्रकाश पटवा ने अपनी नियुक्ति के समय इंटरमीडिएट का जो अंकपत्र जमा किया था, उसमें स्वयं को प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण दर्शाया था। हालांकि, जब जांच के दौरान उनके मूल अंकपत्र की पड़ताल की गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मूल प्रमाण पत्र के अनुसार, वे इंटरमीडिएट परीक्षा में तृतीय श्रेणी से ही पास हुए थे। इस खुलासे ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी पाई थी।
सुदर्शन कुमार झा का मामला भी गंभीर
इसी तरह का एक और मामला अलीनगर प्रखंड के कठरा मध्य विद्यालय में कार्यरत शिक्षक सुदर्शन कुमार झा का है। उन पर भी फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। सुदर्शन कुमार झा का मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि दरभंगा के प्रमंडलीय आयुक्त ने पहले ही उन्हें सेवामुक्त करने का आदेश जारी कर दिया था। लेकिन, शिक्षा विभाग की स्थापना शाखा की प्रक्रियागत त्रुटि के चलते सेवामुक्ति के बजाय उन्हें प्रखंड शिक्षक बना दिया गया था।
जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर ने कहा, ‘मामला अत्यंत गंभीर है। दोनों शिक्षकों से अंतिम बार स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनका जवाब प्राप्त होने के बाद नियोजन समिति को आवश्यक कार्रवाई करते हुए बर्खास्तगी की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया जाएगा। साथ ही संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।’
डीईओ विद्यानंद ठाकुर का सख्त रुख
इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह प्रकरण ‘अत्यंत गंभीर’ है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीईओ ठाकुर ने बताया कि दोनों शिक्षकों से अंतिम बार स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनका जवाब मिलने के बाद नियोजन समिति को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और बर्खास्तगी की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश जारी किया जाएगा। इसके साथ ही, फर्जीवाड़े में शामिल इन शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
फर्जीवाड़े के इन मामलों ने शिक्षा विभाग की नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद अब दोनों शिक्षकों की नौकरी जाना तय माना जा रहा है, जो भविष्य में ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने का एक मजबूत संदेश देगा।








