Bihar Transport Department: मंगलवार को पटना में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने बिहार परिवहन विभाग के अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, राजस्व लक्ष्यों को पूरा किया जाए और ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन पंजीकरण जैसी सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। अधिवेशन भवन में हुई इस समीक्षा बैठक में विभाग की योजनाओं, राजस्व संग्रह, प्रवर्तन, सड़क सुरक्षा और अन्य प्रमुख गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।







जनसेवा और राजस्व पर विशेष जोर
मंत्री दामोदर रावत ने जोर देते हुए कहा कि परिवहन विभाग राज्य सरकार के प्रमुख राजस्व-जनरेटिंग विभागों में से एक है और इसका सीधा संबंध नागरिकों से है। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारियों (DTOs) को निर्देश दिया कि वे पारदर्शी और उच्च-गुणवत्ता वाली सेवाएं सुनिश्चित करते हुए अपने निर्धारित राजस्व लक्ष्यों को प्राप्त करें।

उन्होंने यह भी कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण से संबंधित सेवाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में देरी से बचने और अपने प्रदर्शन की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। रावत ने यह भी कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा, जिससे विभाग के भीतर उत्कृष्टता की संस्कृति विकसित हो सके।
सड़क सुरक्षा और योजनाओं की समीक्षा
परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल लक्ष्यों को पूरा करना नहीं, बल्कि सेवाओं के प्रति नागरिकों के विश्वास और संतुष्टि में सुधार करना भी है। उन्होंने अधिकारियों से परिचालन दक्षता और पारदर्शिता में सुधार के लिए काम करने का आह्वान किया, साथ ही सार्वजनिक सेवा के दृष्टिकोण को बनाए रखने पर जोर दिया। विभाग सुगम और सुरक्षित परिवहन की दिशा में भी काम कर रहा है, जिसके लिए सड़क सुरक्षा पहलों में नई तकनीकों को शामिल किया जा रहा है।
राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने विभागीय गतिविधियों, राजस्व संग्रह, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण सेवाओं, प्रवर्तन कार्यों और अन्य प्रमुख मामलों की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की। बैठक में जिलेवार उपलब्धियों, चुनौतियों और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कहा, “जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, राजस्व लक्ष्यों को पूरा करें और सेवाओं को तय समय-सीमा में पूरा करें।”
समीक्षा की गई प्रमुख योजनाओं में मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण-अनुकूल परिवहन रोजगार योजना, संशोधित बिहार ई-वाहन नीति-2026, पीएम-ईबस सेवा, बस स्टॉप निर्माण, ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक, चालक प्रशिक्षण संस्थान, स्वचालित परीक्षण केंद्र और वाहन स्क्रैपिंग सुविधाएं शामिल थीं। अधिकारियों ने हिट-एंड-रन मामलों के लिए प्रधानमंत्री राहत योजना और ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन पंजीकरण के लिए डिजिटल सेवाओं की भी समीक्षा की।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारी सम्मानित
राजस्व संग्रह और विभागीय कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिला परिवहन अधिकारियों, अतिरिक्त जिला परिवहन अधिकारियों, मोटर वाहन निरीक्षकों और प्रवर्तन उप-निरीक्षकों को प्रशंसा प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। विभाग ने अपनी योजनाओं के लक्ष्य-उन्मुख कार्यान्वयन पर विशेष जोर दिया और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया कि लक्ष्य समय पर प्राप्त हों।
इस बैठक में परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार, राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा, अपर सचिव प्रवीण कुमार, संयुक्त सचिव इंदु कुमारी, उप सचिव अरुणा कुमारी और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। विभिन्न जिलों के जिला परिवहन अधिकारी, अतिरिक्त जिला परिवहन अधिकारी, मोटर वाहन निरीक्षक और प्रवर्तन उप-निरीक्षक भी इस बैठक में शामिल हुए। इन निर्देशों के बाद उम्मीद की जा रही है कि बिहार परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में तेजी व पारदर्शिता देखने को मिलेगी। विभाग नियमित समीक्षा के माध्यम से इन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में काम करेगा।









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