Bhagalpur Fire: भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड स्थित मोहनपुर पंचायत के मधुवन दियारा में भीषण अगलगी की घटना से हड़कंप मच गया है। इस अग्निकांड में पांच परिवारों का घर-द्वार और मवेशियों के लिए रखा करीब 50 क्विंटल चारा जलकर राख हो गया। यह घटना उन गरीब परिवारों के लिए किसी बड़े वज्रपात से कम नहीं है, जिनका सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया।
आग इतनी तेजी से फैली कि चंद मिनटों में पूरा बासा (बांस और फूस से बनी अस्थायी झोपड़ी) उसकी चपेट में आ गया। हालांकि, ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से सभी मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और पशुधन का नुकसान होने से बच गया।






अगलगी से पांच परिवारों को भारी नुकसान, सब कुछ हुआ बर्बाद
इस भीषण अगलगी में घनश्याम रजक, चन्द्रदेव रजक, दीपक रजक, सच्चिदानंद रजक एवं जितेंद्र रजक के परिवार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इन सभी का बांस और फूस से बना बासा तथा घर-द्वार पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गया। इसके साथ ही, पशुओं के लिए जमा किया गया लगभग 50 क्विंटल चारा भी आग में स्वाहा हो गया, जिससे उनके सामने मवेशियों के भरण-पोषण की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
पीड़ित घनश्याम रजक ने बताया, ‘मुझे मोबाइल पर सूचना मिली कि बासा में आग लग गई है। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। काफी मशक्कत के बाद सभी मवेशियों को सुरक्षित निकाल लिया गया, पर घर-द्वार और चारा को नहीं बचाया जा सका।’
ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ से काफी प्रयास कर आग पर काबू पाया। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, जिससे स्थानीय लोग भी असमंजस में हैं।
प्रशासन से मदद की गुहार, पीड़ित परिवारों को आसरा की तलाश
इस दुखद घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने स्थानीय प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने प्रशासन से घटना की जांच कर जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है। इन परिवारों के पास अब रहने के लिए छत नहीं है और मवेशियों के लिए चारा भी नहीं बचा है, जिससे उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन से मिलने वाली मदद ही उनके लिए इस मुश्किल घड़ी में एकमात्र सहारा है।








