Darbhanga Sanitation Strike: बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर दरभंगा के बेनीपुर नगर परिषद में चल रही सफाई कर्मियों की हड़ताल ने पूरे शहर को गंदगी के ढेर में बदल दिया है। लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप रही, जिससे सड़कों, चौकों और चौराहों पर कूड़े के अंबार लग गए हैं। शहर में चारों ओर फैली गंदगी से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
सफाईकर्मियों की मांगों के समर्थन में उतरे मुख्य पार्षद
शनिवार को नगर परिषद के मुख्य पार्षद मो० अकवाल ने कुछ पार्षदों और पार्षद प्रतिनिधियों के साथ नगर कार्यालय के मुख्य द्वार पर चल रहे धरना प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने हड़ताली कर्मियों का हौसला बढ़ाते हुए उनकी मांगों को जायज ठहराया। मो० अकवाल ने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने का बेहद कठिन और सराहनीय कार्य सफाईकर्मी ही करते हैं, इसलिए उन्हें कुशल श्रमिक का दर्जा मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और जल्द से जल्द हड़ताल समाप्त कराई जाए ताकि नगर की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट सके।






मुख्य पार्षद मो० अकवाल ने कहा, ‘सफाई कर्मियों की मांग जायज है। ये कर्मी शहर की गंदगी उठाकर लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराते हैं, जो बेहद कठिन और सराहनीय कार्य है। इसलिए इन्हें कुशल श्रमिक का दर्जा मिलना चाहिए।’
नगर परिषद कार्यालय में सन्नाटा, वैकल्पिक व्यवस्था पर सवाल
सफाई कर्मियों के धरना प्रदर्शन के कारण शनिवार को नगर परिषद कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। इक्का-दुक्का काउंटरों को छोड़कर अधिकांश कार्यालय कक्ष खाली पड़े थे। हालांकि, वहां मौजूद कुछ कर्मियों ने बताया कि कार्यालय कर्मी हड़ताल पर नहीं हैं। वहीं, यह आरोप भी लगाया गया कि सफाई कर्मियों के धरने की आड़ में कई अधिकारी और अन्य कर्मी कार्यालय से गायब हैं। वैकल्पिक सफाई व्यवस्था के सवाल पर मुख्य पार्षद ने स्पष्ट किया कि जब सफाई कर्मी ही हड़ताल पर हैं, तो ऐसी स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था कैसे संभव होगी?
शहर में बढ़ती गंदगी और लोगों की परेशानी को देखते हुए, प्रशासन और सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की उम्मीद है, ताकि जल्द से जल्द कोई समाधान निकल सके और बेनीपुर को फिर से स्वच्छ बनाया जा सके।








