Darbhanga Road Dispute: दरभंगा के बेनीपुर अनुमंडल में मुख्यमंत्री सड़क अनुरक्षण योजना के तहत बन रही एक महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से भूमि विवाद के कारण अटका हुआ है। लगभग 73 लाख रुपए की लागत से 1600 मीटर लंबी यह सड़क अमेठी गांव के रमन जी के खेत से अमेठी पुवारी टोला तक बननी है, लेकिन 400 फीट का हिस्सा अधूरा पड़ा है। इस मामले में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) मनीष कुमार झा ने कड़ा रुख अपनाते हुए अंचल अधिकारी को तत्काल मापी कर विवाद सुलझाने का निर्देश दिया है।
ग्रामीण कार्य विभाग की सड़क पर निजी भूमि का दावा, काम रुका
अमेठी गांव में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा बनवाई जा रही इस सड़क के निर्माण में स्थानीय संतोष झा ने अपनी निजी भूमि बताकर बाधा डाल दी है। संवेदक अमरनाथ झा को यह कार्य 23 दिसंबर 2026 तक पूरा करना है, लेकिन जमीन विवाद के कारण काम रुका हुआ है। ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता विवेक सोनी ने बताया कि यह कोई नया विवाद नहीं है। पहले भी दो बार इस सड़क का निर्माण हुआ, लेकिन 120 मीटर का यह हिस्सा कभी नहीं बन पाया और न ही इसकी मरम्मत की गई। अब अंचल अधिकारी द्वारा मापी करवाकर जल्द समस्या समाधान का भरोसा दिया गया है।






अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार झा ने इस पूरी स्थिति को विभागीय लापरवाही करार दिया। उन्होंने कहा, ‘यह विभागीय पदाधिकारी की लापरवाही का कारण है। पहली बार सड़क निर्माण में ही इस भूमि विवाद को सुलझा लिया जाना चाहिए था। यदि वह निजी भूमि थी, तो उसका अधिग्रहण कर सड़क का कार्य पूर्ण किया जाना था। लेकिन दोनों ओर से सड़क का निर्माण कर बीच में लगभग 400 फीट सड़क को छोड़ दिया जाने से इस योजना का औचित्य ही क्या रह जाता है? आम लोगों को इसका समुचित फायदा मिलना मुश्किल है।’
एसडीओ ने दिए तत्काल मापी के आदेश, लापरवाही पर उठाए सवाल
मनीष कुमार झा ने स्थल निरीक्षण के दौरान अंचल अधिकारी को सरकारी अमीन से तत्काल मापी करवाकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जोर दिया कि इस तरह से सड़क का एक बड़ा हिस्सा अधूरा छोड़ देने से योजना का मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाता है। आम जनता को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। इस निरीक्षण के दौरान कनीय अभियंता, संवेदक और भू स्वामी भी मौजूद थे।
अनुमंडल पदाधिकारी के इस हस्तक्षेप से उम्मीद जताई जा रही है कि लंबे समय से अटके इस सड़क निर्माण का रास्ता जल्द साफ हो जाएगा। अब देखना होगा कि अंचल अधिकारी की मापी रिपोर्ट क्या कहती है और कब तक यह विवादित हिस्सा बनकर तैयार होता है, ताकि ग्रामीणों को सुगम आवागमन का लाभ मिल सके।








