Bihar Paper Leak बिहार में एक बार फिर परीक्षा में धांधली का मामला सामने आया है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) की हवलदार इंस्ट्रक्टर भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOU ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसी ने बताया कि यह गिरफ्तारी भर्ती परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के बाद की गई है।
गिरफ्तार हुए तीन आरोपी, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राज समदर्शी उर्फ राजा (25) के रूप में हुई है, जो पटना जिले के बिक्रम थाना अंतर्गत करसा का निवासी है। दूसरा आरोपी अभिषेक कुमार (21) वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र के सैदपुर राजाउली का रहने वाला है, जबकि तीसरा आरोपी बायोमेट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार (28) है। आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, तीनों को 31 जुलाई को कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।






मोबाइल से मिले अहम सुराग, ऐसे हुआ खुलासा
यह जांच हाजीपुर नगर थाना कांड संख्या 368/2026 से शुरू हुई थी। EOU को सूचना मिली थी कि 29 जुलाई को आयोजित हवलदार इंस्ट्रक्टर भर्ती परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग होने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि राज समदर्शी को हाजीपुर में एक परीक्षा केंद्र के पास से हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर परीक्षा में धांधली की बात कबूल की और अभिषेक कुमार का नाम भी बताया। EOU ने यह भी दावा किया कि राज समदर्शी ने अप्रैल 2026 में आयोजित सहायक चुनाव डाटा अधिकारी (AEDO) परीक्षा में भी अनुचित साधनों के उपयोग का खुलासा किया है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, शुरुआती छानबीन में यह सामने आया कि परीक्षा के सवालों के जवाब कथित तौर पर बायोमेट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार के माध्यम से राज समदर्शी तक पहुंचाए गए थे।
जांच के दौरान, अधिकारियों ने राज समदर्शी और अभिषेक कुमार के मोबाइल फोन गैलरी से कई परीक्षा संबंधी दस्तावेज, जिनमें एडमिट कार्ड और उत्तर पुस्तिकाएं शामिल हैं, बरामद किए हैं। EOU ने बताया कि बरामद की गई एक उत्तर पुस्तिका परीक्षा वाले दिन दोपहर 12:21 बजे भेजी गई थी, जिससे पेपर लीक की पुष्टि होती है।
आगे की जांच जारी, बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश संभव
आर्थिक अपराध इकाई ने इस मामले में बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के प्रावधानों के तहत तीनों आरोपियों और अन्य नामजद व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि इस पेपर लीक नेटवर्क के अन्य सदस्यों और आर्थिक लाभ उठाने वालों की पहचान के लिए विस्तृत छानबीन जारी है। अधिकारियों ने बताया कि मामले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है, जिससे पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो सके।








