Bihar Court Order: भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए, पटना की एक विशेष अदालत ने मधुबनी जिले के जयनगर के पूर्व अनुमंडलाधिकारी (SDM) गुलाम मुस्तफा अंसारी की आय से अधिक संपत्ति को राजसात करने का आदेश दिया है। शनिवार को दिए गए इस फैसले के तहत, लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की चिह्नित संपत्ति को जब्त किया जाएगा। अदालत ने पूर्व SDM को एक महीने के भीतर यह संपत्ति सरकार को सौंपने का निर्देश दिया है।
पूर्व SDM की कितनी संपत्ति होगी जब्त?
निगरानी के अधिकृत पदाधिकारी की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। अदालत ने गुलाम मुस्तफा अंसारी की कुल 49 लाख 3 हजार 963 रुपये की आय से अधिक संपत्तियों की पहचान की है। इस फैसले के बाद, यदि गुलाम मुस्तफा अंसारी एक महीने के भीतर चिह्नित संपत्ति सरकार को नहीं सौंपते हैं, तो जिलाधिकारी (DM) को इन संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई करने का अधिकार होगा।






राजसात की जाने वाली संपत्तियों में कई भूखंड और बैंकों में जमा राशि शामिल है। इनमें किशनगंज में चार भूखंड, अररिया में पांच भूखंड, पटना में तीन भूखंड और सारण जिले में तीन भूखंड शामिल हैं। यह दर्शाता है कि पूर्व अधिकारी ने विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर संपत्तियां अर्जित की थीं।
कैसे सामने आया भ्रष्टाचार का मामला?
मामले के विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार ने बताया कि गुलाम मुस्तफा अंसारी को वर्ष 2016 में निगरानी ब्यूरो ने एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद, उनके आवास पर तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में नकदी, विभिन्न संपत्तियों के कागजात और कई निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे। इन बरामदगियों के आधार पर, निगरानी विभाग ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया था।
विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार ने बताया, “गुलाम मुस्तफा अंसारी पर 26 अगस्त 1997 से 27 अक्तूबर 2016 के बीच अपने और अपने परिजनों के नाम पर आय के सभी ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।”
निगरानी की ओर से बाद में गुलाम मुस्तफा अंसारी की आय से अधिक संपत्तियों को बिहार विशेष न्यायालय अधिनियम की धारा 13 के तहत राजसात किए जाने के लिए आवेदन दाखिल किया गया था। इस आवेदन पर विस्तृत सुनवाई के बाद ही अदालत ने यह आदेश पारित किया है, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।








