Bihar Congress: पटना के सदाकत आश्रम में बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस पार्टी ने अपने ‘संगठन सृजन’ अभियान के तहत एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए मधेपुरा के युवा नेता मृणाल यादव को बिहार प्रदेश कांग्रेस का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह फैसला आगामी 2029 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में युवाओं और छात्रों को पार्टी से मजबूती के साथ जोड़ना है।
युवाओं और छात्रों पर कांग्रेस का जोर
नई जिम्मेदारी मिलने के तुरंत बाद मृणाल यादव ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से मुलाकात की। इस अहम बैठक के दौरान पार्टी के शीर्ष नेताओं ने मृणाल यादव को मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया और उन्हें संगठन चलाने का एक स्पष्ट रोडमैप सौंपा। इस दौरान जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों व विचारधारा को सीधे आम जनता तक पहुंचाने के लक्ष्य पर गंभीर चर्चा हुई। नेताओं ने मृणाल को पूरी निष्ठा के साथ इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया।





मृणाल यादव ने कहा, “नेतृत्व ने मुझ पर जो भरोसा दिखाया है, उसे हर हाल में पूरा करूंगा। मेरी रणनीति बिल्कुल स्पष्ट है। मैं बूथ स्तर पर कांग्रेस को एक नई ऊर्जा देना चाहता हूं, जिसमें सबसे ज्यादा जोर युवाओं और छात्रों को पार्टी के झंडे तले लाने पर होगा। युवाओं की ताकत ही पार्टी का भविष्य तय करेगी।”
2029 चुनाव और राहुल गांधी का लक्ष्य
मृणाल यादव ने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता आगामी 2029 के चुनाव में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाना होगा। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र की एनडीए और भाजपा सरकार की नीतियों का भी कड़ा विश्लेषण किया। मृणाल यादव ने सत्ता पक्ष पर छात्रों और युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने का सीधा आरोप लगाया, उनका तर्क है कि मौजूदा नीतियों ने युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किया है। कांग्रेस इसी मुद्दे को अपना मुख्य हथियार बनाएगी।
मृणाल यादव की नियुक्ति और उनके द्वारा निर्धारित लक्ष्य से स्पष्ट है कि बिहार कांग्रेस अब युवाओं को साधकर 2029 के चुनावों के लिए अपनी रणनीति को धार दे रही है। आने वाले समय में प्रदेश कांग्रेस की गतिविधियों में युवाओं की भूमिका और उनकी भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल सकती है।








