Bihar Assembly Committee: दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में मरीजों को कैसी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं, इसका खुलासा बिहार विधानसभा की शून्यकाल अध्ययन समिति के हालिया निरीक्षण में हुआ है। रविवार को तीन सदस्यीय टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जहां उन्हें इमरजेंसी, क्रिटिकल केयर यूनिट और सर्जिकल वार्ड में गंभीर खामियां मिलीं। समिति में शामिल विधायकों ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
डीएमसीएच में गंभीर लापरवाही: बंद AC, गायब दवाएं
निरीक्षण के दौरान समिति को सबसे चौंकाने वाली बात यह मिली कि सर्जिकल भवन में लगा सेंट्रल एसी पूरी तरह से बंद पड़ा था। भीषण गर्मी में मरीजों को बिना एयर कंडीशनिंग के ही रहना पड़ रहा था, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई थी। इसके साथ ही, इमरजेंसी और विभिन्न वार्डों में दवाओं की भारी कमी पाई गई। मरीजों को अक्सर बाहर से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ डालता है।






मरीजों को दूषित पानी और गंदगी का सामना
अस्पताल परिसर में पेयजल की व्यवस्था भी बेहद खराब मिली। मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ पानी के लिए भटकना पड़ रहा था, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। चारों तरफ पसरी गंदगी ने अस्पताल के वातावरण को और भी दूषित बना दिया था। विधानसभा की तीन सदस्यीय समिति ने इन सभी कमियों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधार के सख्त निर्देश दिए हैं। समिति के सदस्यों ने कहा कि मरीजों को बेहतर सुविधा देना अस्पताल प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बिहार विधानसभा समिति के इस निरीक्षण से डीएमसीएच की बदहाली उजागर हुई है। उम्मीद है कि समिति के निर्देशों के बाद अस्पताल प्रशासन जल्द ही इन गंभीर खामियों को दूर करेगा, ताकि मरीजों को बुनियादी और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।








