Bihar Environment: बिहार में पर्यावरण संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा संदेश दिया है। बिहार अर्थ डे 2026 के अवसर पर, उन्होंने रविवार, 9 अगस्त को पटना स्थित लोक सेवक आवास परिसर में कल्पतरु और रुद्राक्ष के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के उपायों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सीएम का विशेष संदेश
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी विभागों का काम नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने बिहार की जनता से आह्वान किया कि वे अपनी जीवनशैली में ऐसे बदलाव लाएं, जिनसे पर्यावरण को लाभ हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित हो सके।






11 सूत्रीय संकल्प: दैनिक जीवन में बदलाव की पहल
बिहार अर्थ डे 2026 के अवसर पर एक 11-सूत्रीय पर्यावरण संकल्प भी जारी किया गया, जिसमें वृक्षारोपण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा के उपयोग और पशु-पक्षियों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। यह संकल्प लोगों से पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनने का आग्रह करता है।
- वृक्षारोपण: हर साल कम से कम एक पौधा लगाएं और उसे पेड़ बनने तक उसकी देखभाल की जिम्मेदारी लें।
- जल संरक्षण: पानी का अनावश्यक उपयोग करने से बचें और उपयोग के बाद नल बंद रखें।
- वर्षा जल संचयन: घरों, स्कूलों और पड़ोस में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दें।
- जल निकायों की स्वच्छता: तालाबों, नदियों और अन्य जल स्रोतों को प्रदूषित न करें तथा दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
- बिजली का सदुपयोग: बिजली का जिम्मेदारी से उपयोग करें और कमरे से निकलते समय लाइट व पंखे बंद कर दें।
- स्वच्छता: अपने घर, स्कूल और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखें तथा कचरे को निर्धारित कूड़ेदान में ही डालें।
- प्लास्टिक मुक्त: प्लास्टिक और पॉलीथिन का उपयोग करने से बचें और इसके बजाय कपड़े या कागज के थैलों का इस्तेमाल करें।
- पशु-पक्षी संरक्षण: जब भी संभव हो, जानवरों और पक्षियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराएं।
- सतत यात्रा: कम दूरी की यात्रा के लिए अनावश्यक रूप से मोटर वाहनों का उपयोग करने के बजाय पैदल चलें या साइकिल का प्रयोग करें।
- कागज का कम उपयोग: अनावश्यक रूप से कागज का उपयोग कम करें।
- खुले में शौच मुक्त: खुले में शौच से बचें और शौचालयों का उपयोग करें।
जागरूकता और जिम्मेदारी पर जोर
इस कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयास केवल विशेष अवसरों तक ही सीमित न रहें, बल्कि दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनें। यह कदम बिहार के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और पूरे राज्य में पर्यावरणीय प्रथाओं में सुधार लाने पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री के इस 11 सूत्री संकल्प से राज्य में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ने और नागरिकों द्वारा अधिक सक्रिय भागीदारी की उम्मीद है। यह पहल बिहार को एक हरित और स्वच्छ राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।








