Nityanand Rai: केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बिहार के बांका जिले में श्रावणी मेले के दौरान शिवभक्तों की सेवा में जुटे दिखे। मंत्री नित्यानंद राय ने कटोरिया के टोना पाथर स्थित एक सेवा शिविर में कांवड़ियों के पैरों की मालिश की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के पैर दबाकर सेवा और समर्पण का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।







यह भावुक कर देने वाला दृश्य बांका के कटोरिया स्थित टोना पाथर कांवरिया पथ पर देखने को मिला। यहां बोल बम सेवा समिति द्वारा आयोजित सेवा शिविर में पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने स्वयं दूर-दराज से आए कांवड़िया श्रद्धालुओं के पैर दबाए और उनकी मालिश की। उनका यह कार्य आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने किया ऐसा काम, कांवरियों के पैर दबाकर जीता सबका दिल!
Nityanand Rai: केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बांका जिले में श्रावणी मेले के दौरान एक अनूठी मिसाल पेश की है। बांका के कटोरिया स्थित टोना पाथर कांवरिया पथ पर उन्होंने बोल बम सेवा समिति के शिविर में कांवरिया श्रद्धालुओं के पैर दबाए और उनकी मालिश की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री का यह सेवा भाव देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।

दूर-दराज से आए शिवभक्तों की थकान को समझते हुए नित्यानंद राय ने स्वयं अपने हाथों से उनकी सेवा की। उन्होंने न सिर्फ कांवरियों के पैरों की मालिश की, बल्कि उनके प्रति समर्पण का एक गहरा संदेश भी दिया। यह घटना भक्ति और सेवा के अद्भुत संगम को दर्शाती है, जो श्रावणी मेले की पवित्रता को और बढ़ा देती है।
केंद्रीय मंत्री ने लिया सेवा शिविर का जायजा, खुद की सेवा
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कटोरिया के टोना पाथर स्थित बोल बम सेवा शिविर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में कांवरिया श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधाओं का गहनता से जायजा लिया। शिविर में प्रदान की जा रही व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करने के बाद, उन्होंने खुद सेवा कार्यों में हाथ बंटाना शुरू कर दिया।
श्रावणी मेले को सेवा का प्रतीक बताते हुए केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह पर्व हमें दूसरों की सेवा और समर्पण का पाठ सिखाता है।
उनका यह कार्य राजनीतिक पद से ऊपर उठकर मानवीय संवेदना और सेवा भाव को दर्शाता है। यह दृश्य देखकर कई श्रद्धालुओं की आंखें भर आईं, जिन्होंने मंत्री के इस विनम्र स्वभाव की सराहना की।
श्रावणी मेले में मंत्री का प्रेरणादायक संदेश
नित्यानंद राय ने अपने इस कार्य से यह संदेश दिया कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु कठिन यात्रा करते हैं, और ऐसे में उन्हें मिलने वाली थोड़ी सी सहायता भी उनके मनोबल को बढ़ा देती है। मंत्री के इस कदम से अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की प्रेरणा मिली है। यह घटना बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी उजागर करती है, जहां सेवा और भक्ति का गहरा महत्व है।
शिवभक्तों की सेवा में जुटे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने सिर्फ कांवड़ियों के पैर ही नहीं दबाए, बल्कि उन्होंने सेवा शिविर में उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि शिवभक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंत्री का यह कदम दर्शाता है कि वह जनसेवा को कितना महत्व देते हैं।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने श्रावणी मेले को सेवा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का पर्व है।
श्रावणी मेला: सेवा और समर्पण का प्रतीक
नित्यानंद राय ने इस अवसर पर श्रावणी मेले को सेवा का प्रतीक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह मेला शिवभक्तों के अटूट विश्वास और सेवाभाव का संगम है। उनके इस कार्य से अन्य लोगों को भी सेवा और जनसेवा के लिए प्रेरित होने का संदेश मिला है। कटोरिया में मंत्री का यह सेवाभाव स्थानीय लोगों और कांवड़ियों के लिए एक यादगार पल बन गया है।









You must be logged in to post a comment.