Patliputra Township Land: पटना के पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में अब जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगा प्रतिबंध प्रभावी नहीं रहेगा। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने यह बड़ी घोषणा की है, जिससे क्षेत्र के भू-स्वामियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। सरकार के इस फैसले से भूमि संबंधी असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है।
पाटलिपुत्र टाउनशिप लैंड: क्यों हटा प्रतिबंध?
मंत्री नीतीश मिश्रा ने 12 अगस्त 2026 को बताया कि पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास योजना प्रारूप के प्रकाशन के बाद विभागीय अधिसूचना जारी की गई है। इस अधिसूचना के जरिए टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में भूमि के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगी पिछली रोक को हटा लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के पूरे क्षेत्र में, जिसमें कोर क्षेत्र भी शामिल है, अब किसी भी प्रकार की रोक लागू नहीं है।

“माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में राज्य में विकास की गति को तेज करने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि विकास कार्यों के क्रम में किसी भी व्यक्ति के हित प्रभावित या बाधित न हों। सरकार विकास और जनहित के बीच संतुलन स्थापित करते हुए प्रत्येक वर्ग के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।” — नीतीश मिश्रा, मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग
भू-स्वामियों को मिली बड़ी राहत
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि इस निर्णय से क्षेत्र के भू-स्वामियों और आम नागरिकों के बीच भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण को लेकर बनी असमंजस की स्थिति खत्म होगी। उन्हें अब आवश्यक स्पष्टता मिल गई है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में समाहर्ता-सह-जिला निबंधक, पटना को भी सूचित कर दिया है, ताकि पूर्व की भांति पाटलिपुत्र टाउनशिप लैंड का क्रय-विक्रय और हस्तांतरण सुचारू रूप से हो सके।
यह फैसला शहरी विकास परियोजनाओं और आम लोगों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड टाउनशिप में भूमि संबंधी मामलों में अब पारदर्शिता और आसानी आएगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।







