Bihar Police: बिहार पुलिस ने विधि-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए असाल्ट हथियारों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब AK-47, इंसास और SLR जैसी घातक राइफलों का उपयोग केवल गंभीर आपराधिक मामलों में ही किया जा सकेगा। यह एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव है, जो पुलिस की कार्यप्रणाली और नागरिकों के साथ उनके जुड़ाव को प्रभावित करेगा।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने इस संबंध में सख्त आदेश जारी किए हैं। उनके निर्देश के बाद, पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट निर्देश भेजे हैं। इस फैसले से पुलिस बल को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान कम घातक विकल्पों का उपयोग करना होगा।

भीड़ नियंत्रण में अब नहीं चलेंगी घातक राइफलें
डीजीपी विनय कुमार के आदेश के बाद, अब बिहार पुलिस बल विधि-व्यवस्था से जुड़ी स्थितियों या भीड़ नियंत्रण के दौरान असाल्ट हथियारों का प्रयोग नहीं करेगा। इन हथियारों की मारक क्षमता को देखते हुए यह निर्णय सार्वजनिक सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। इस कदम से ऐसी घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है, जहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अत्यधिक बल का प्रयोग होता है।
यह फैसला सिवान में हुई एक घटना के बाद आया है। सिवान घटना में एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। इस घटना ने हथियारों के अनुशासित उपयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया था, जिसके बाद पुलिस मुख्यालय ने यह बड़ा कदम उठाया।
बिहार पुलिस अब विधि-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण जैसे मामलों में असाल्ट हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगी। डीजीपी विनय कुमार के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को इस संबंध में फिर से निर्देश जारी किया है।
गंभीर अपराधों में ही होगा AK-47 का उपयोग
AK-47, इंसास और SLR जैसे असाल्ट हथियारों का इस्तेमाल अब सिर्फ गंभीर अपराधों से निपटने के लिए आरक्षित रहेगा। इनमें आतंकवाद विरोधी अभियान, नक्सल विरोधी कार्रवाई या ऐसे अन्य मामले शामिल हो सकते हैं, जहां अत्यधिक बल की आवश्यकता हो। इस नीति से बिहार में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के तरीके में एक बड़ा बदलाव आएगा। यह कदम पुलिस बल में जवाबदेही और अनुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।







