Darbhanga Police: प्रभास रंजन दरभंगा। दरभंगा पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले में बड़ा एक्शन लिया है। खराजपुर गांव में युवक मोनू कुमार की आत्महत्या के मामले में परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद, सहायक दरोगा इंद्रदेव कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी जगुनाथ रडी जलारडी ने इस पूरे प्रकरण में पुलिसकर्मी की घोर लापरवाही और कदाचार को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया है।
यह मामला बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर गांव का है, जहां मोनू कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों की डराने-धमकाने वाली कार्रवाई के कारण उनके बेटे ने यह कदम उठाया। मामले की गंभीरता को समझते हुए, एसएसपी ने तत्काल सिटी एसपी अशोक कुमार चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। इस टीम में प्रभारी एसडीपीओ 1 एसके सुमन, बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार, एसएसपी कार्यालय में पदस्थापित इंस्पेक्टर सुनील कुमार और अमित कुमार साह के साथ डीआईयू के कर्मी भी शामिल थे।
पुलिस पर लगे थे 4 लाख की वसूली के गंभीर आरोप
जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। परिजनों ने दावा किया था कि सहायक दरोगा इंद्रदेव कुमार और उनके साथ आए अन्य पुलिसकर्मियों ने मोनू कुमार से 4 लाख रुपए की मांग की थी। मोनू ने पैसे न होने का हवाला देते हुए यह राशि देने से इनकार कर दिया था। परिजनों के अनुसार, पुलिसकर्मियों के वहां से जाने के कुछ ही देर बाद मोनू ने दोपहर में आत्महत्या कर ली। मोनू के भाई रवि कुमार ने ही मोबाइल मिलने के संबंध में इन पुलिसकर्मियों को बुलाया था।
पुलिस पर लगे आरोपों में यह भी शामिल है कि तीन पुलिसकर्मी बिना नंबर प्लेट वाली बाइक से मोनू के घर पहुंचे थे, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही, हुई कार्रवाई
एसआईटी की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि सहायक दरोगा इंद्रदेव कुमार को मोनू कुमार का मोबाइल दो दिन पहले मिला था। इसके बावजूद उन्होंने इसकी सूचना अपने थाना प्रभारी को नहीं दी। बल्कि, वह दो दिनों तक मोबाइल अपने पास रखकर मोनू कुमार के घर जाकर तरह-तरह की जानकारी का आदान-प्रदान कर रहे थे और पुलिस अधिकारियों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। दरोगा ने मोनू के परिवार से यह भी कहा था कि यह मोबाइल नहीं, दूसरा मोबाइल है जो वे लाकर दें।
एसएसपी जगुनाथ रडी जलारडी ने बताया, “जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक दरोगा इंद्रदेव कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, इस मामले में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। हम हर बिंदु पर अलग-अलग जांच कर रहे हैं और कई जगहों के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। यदि जांच में अन्य लोगों की मिलीभगत सामने आती है, तो उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
आगे क्या होगा: अन्य पुलिसकर्मियों पर भी गिरेगी गाज?
इस मामले में सहायक दरोगा इंद्रदेव कुमार के फर्द बयान पर 4 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ बहादुरपुर थाना में मामला दर्ज किया गया है। वहीं, मोनू के पिता जागेश्वर सहनी के आवेदन पर भी पुलिस ने अलग से मामला दर्ज किया है। दरभंगा पुलिस की यह कार्रवाई पुलिस महकमे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब देखना होगा कि सीसीटीवी फुटेज और आगे की जांच में कौन-कौन से नए खुलासे होते हैं और क्या अन्य पुलिसकर्मियों पर भी निलंबन की गाज गिरती है।





