Bihar Arms Trafficking: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार में हथियार तस्करी के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में सारण जिले के परसा नगर पंचायत में NIA की टीम ने बड़ी छापेमारी की। मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर करीब चार घंटे तक तलाशी ली गई। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और घर के आने-जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया था।
तलाशी अभियान पूरा होने के बाद NIA की टीम मुख्य पार्षद के बेटे और वार्ड पार्षद मोहम्मद करमुल्लाह अंसारी को अपने साथ पटना ले गई। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई हथियार तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले की जांच का हिस्सा है। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
हथियार तस्करी का बड़ा खुलासा? NIA की इस कार्रवाई से छपरा में हड़कंप!
Chhapra News: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार देर रात छपरा जिले के परसा में मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर छापेमारी की। इस दौरान NIA की टीम ने उनके बेटे करमुल्लाह अंसारी और मोहम्मद गफ्फार मियां को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। दिल्ली और पटना से आई टीम ने परसा थाना क्षेत्र में 22 अगस्त को इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसकी जानकारी अब सामने आई है।
हथियार तस्करी मामले से जुड़ा कनेक्शन
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी लगभग चार घंटे तक चली। NIA ने अभी तक इस ऑपरेशन पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है और न ही यह पुष्टि की है कि कोई गिरफ्तारी हुई है या नहीं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई हथियार खरीदने, बेचने और तस्करी से जुड़ी एक जांच से संबंधित है। बताया जा रहा है कि करमुल्लाह अंसारी का नाम पहले भी हथियार तस्करी से जुड़ी जांचों में सामने आ चुका है, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
NIA ने आयशा खातून के आवास पर शनिवार देर रात छापेमारी की। टीम ने उनके बेटे करमुल्लाह अंसारी और मोहम्मद गफ्फार मियां को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्थानीय लोगों को मुख्य पार्षद के आवास से दूर रखा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, NIA अधिकारियों ने तलाशी के दौरान दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की और घर में मौजूद लोगों से पूछताछ की। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि क्या कुछ जब्त किया गया है। परसा के थानाध्यक्ष ओम प्रकाश के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा प्रदान की और आवास के चारों ओर घेराबंदी बनाए रखी।
पहले भी NIA कर चुकी है छापेमारी
सूत्रों का यह भी दावा है कि यह जांच मुजफ्फरपुर में कथित हथियार नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी से भी जुड़ी हो सकती है। इन लिंक्स की अभी भी जांच की जा रही है और NIA ने इनकी पुष्टि नहीं की है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि शनिवार रात का यह ऑपरेशन असम के डिमापुर में परिष्कृत हथियारों और एके-47 के पुर्जों की जब्ती के बाद 2024 की एक जांच से जुड़ा है या नहीं। उस जांच में कथित हथियार आपूर्ति और विदेशी फंडिंग के लिंक की पड़ताल की गई थी।
इसी साल 2024 में भी NIA ने इसी आवास पर छापेमारी की थी। उस ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को तैनात किया गया था, जब अधिकारियों ने दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की थी। सूत्रों का यह भी कहना है कि NIA अधिकारियों ने अंसारी को कई बार पटना कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद एजेंसी ने उनके आवास पर यह छापेमारी की। NIA ने इस बात की पुष्टि नहीं की है।
क्या कहते हैं स्थानीय सूत्र?
स्थानीय स्तर पर कुछ पुरानी जांचों को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं, जिनमें विदेशी नागरिकों के कथित दौरे और हथियारों तथा विदेशी मुद्रा से संबंधित संदिग्ध लेनदेन शामिल थे। हालांकि, इन आरोपों का नवीनतम ऑपरेशन से कोई आधिकारिक संबंध स्थापित नहीं हुआ है। NIA ने अभी तक इस मामले, बरामद सामग्री या हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों की कानूनी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है। जांच आगे बढ़ने पर और विवरण सामने आने की उम्मीद है।
परसा में NIA का बड़ा एक्शन: घर की तलाशी, परिवार से पूछताछ
शनिवार को दिल्ली और पटना से पहुंची NIA की टीम भारी पुलिस बल के साथ परसा पहुंची। टीम के कुछ सदस्य सादे कपड़ों में भी थे। छापेमारी के दौरान घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई, और टीम ने घर के कई हिस्सों की बारीकी से जांच की। परिवार के सदस्यों से भी इस दौरान गहन पूछताछ की गई। लगभग चार घंटे तक चली इस तलाशी प्रक्रिया के बाद करमुल्लाह अंसारी को टीम अपने साथ पटना लेकर रवाना हो गई।
विदेशी फंडिंग और AK-47 तस्करी की जांच
इस कार्रवाई को हथियारों की तस्करी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले से जोड़ा जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, NIA अत्याधुनिक हथियारों, विशेषकर AK-47 के पुर्जों के संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। इसके साथ ही विदेशी फंडिंग और हथियारों की कथित तस्करी के पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है। इस जांच का संबंध मुजफ्फरपुर में पहले सामने आए हथियार बरामदगी के एक मामले से भी हो सकता है। हालांकि, जांच एजेंसी ने अभी तक इन कड़ियों के बारे में विस्तृत सार्वजनिक जानकारी नहीं दी है।
करमुल्लाह अंसारी का पुराना रिकॉर्ड और NIA का सक्रिय अभियान
यह पहली बार नहीं है जब परसा स्थित इस आवास पर केंद्रीय जांच एजेंसी ने कार्रवाई की हो। इससे पहले 18 दिसंबर 2024 को भी NIA की टीम ने यहां 10 से 12 घंटे तक लंबी तलाशी ली थी। उस समय बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, और रिपोर्टों के अनुसार, दस्तावेजों के साथ-साथ मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की भी जांच की गई थी। ताजा कार्रवाई के बाद मोहम्मद करमुल्लाह अंसारी की भूमिका फिर से जांच के दायरे में आ गई है। रिपोर्टों के अनुसार, उनका नाम पहले भी हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है और वह पूर्व में जेल भी जा चुके हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी बिहार में हथियारों की तस्करी के खिलाफ लगातार सक्रिय है। 20 अगस्त 2026 को NIA ने मुजफ्फरपुर से AK-47 और गोला-बारूद से जुड़े मामले में एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिस पर नगालैंड से प्रतिबंधित अत्याधुनिक हथियार बिहार पहुंचाने की साजिश में शामिल होने का आरोप था।
इस मामले में आगे की जांच और आधिकारिक खुलासे ही करमुल्लाह अंसारी की मौजूदा कानूनी स्थिति और इस नेटवर्क की पूरी तस्वीर स्पष्ट करेंगे। NIA की यह कार्रवाई दर्शाती है कि एजेंसी Bihar Arms Trafficking नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।







