Bihar Student Protest: मंगलवार को पटना में छात्रों के प्रदर्शन ने डाक बंगला चौराहा को रणक्षेत्र में बदल दिया। हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बुलेटप्रूफ वाहन, रैपिड एक्शन फोर्स और आंसू गैस के गोले छोड़ने वाले वाहनों को भी मौके पर बुला लिया, जिससे तनाव काफी बढ़ गया।
पटना में BPSC छात्रों के विरोध से पहले पुलिस का ‘वज्र’ प्लान: आंसू गैस और बख्तरबंद वाहन क्यों?
Patna BPSC Protest: मंगलवार को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से संबंधित छात्र प्रदर्शन के मद्देनजर पटना पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहा तक पुलिस ने बख्तरबंद वाहन, आंसू गैस उपकरण और भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया। पुलिस को प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने की आशंका थी, जिसके चलते यह व्यापक बंदोबस्त किया गया।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वज्र वाहन तैनात
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पटना की सड़कों पर एक बख्तरबंद माइन-प्रोटेक्टेड वाहन (MPV), जिसे ‘वज्र’ के नाम से भी जाना जाता है, तैनात किया गया। यह वाहन उच्च जोखिम वाली स्थितियों, खासकर हिंसक विरोध प्रदर्शनों और पथराव के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इसके अलावा, यह वाहन भीतर बैठे कर्मियों को सुरक्षा प्रदान करते हुए आंसू गैस छोड़ने में भी सक्षम है। पुलिस ने स्थिति बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के विकल्प के तौर पर आंसू गैस के उपकरण भी तैयार रखे थे।
मजबूत बैरिकेडिंग और बहुस्तरीय सुरक्षा
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर बढ़ने से रोकने के लिए रणनीतिक स्थानों पर बड़े लोहे के अवरोधक लगाए। गांधी मैदान और डाकबंगला चौराहा के बीच कई जगहों पर मेट्रो निर्माण कार्य के लिए उपयोग की जाने वाली बैरिकेडिंग भी लगाई गई थी। इन बैरिकेडिंग को बांस के खंभों, रस्सियों और अन्य सहारे से मजबूती दी गई, ताकि प्रदर्शनकारी इन्हें हटा या पलट न सकें। विरोध मार्ग पर बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और बिहार पुलिस के बड़ी संख्या में कर्मियों को तैनात किया गया था।
डाकबंगला चौराहे पर भारी पुलिस बल
डाकबंगला चौराहा क्षेत्र में सुबह से ही भारी सुरक्षा व्यवस्था थी, जो निर्धारित प्रदर्शन से पहले की गई थी। पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा भी पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डाकबंगला चौराहा पहुंचे। यह सभी उपाय पुलिस की इस तैयारी को दर्शाते हैं कि वह छात्रों के संभावित बड़े जमावड़े को नियंत्रित कर सके और उन्हें निर्धारित क्षेत्रों से आगे बढ़ने से रोक सके। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।
डाक बंगला चौराहे पर बढ़ी पुलिस की तैयारी
प्रदर्शनकारियों की बढ़ती भीड़ के बीच डाक बंगला चौराहे पर एक बुलेटप्रूफ वाहन के पहुंचने से हलचल तेज हो गई। इस वाहन को सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह तैयार बताया गया। इसमें पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगा है, जिसके जरिए प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने और उन्हें समझाने का प्रयास किया जा सकता है। पुलिस लगातार स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
गांधी मैदान के SHO ने छात्र नेता अमन को कथित तौर पर पीटा, जिसके बाद अमन ने रोते-रोते अपनी आपबीती सुनाई। इस घटना ने छात्रों के गुस्से को और भड़का दिया है।
छात्र नेता अमन के साथ मारपीट का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक छात्र नेता अमन के साथ गांधी मैदान के SHO द्वारा मारपीट किए जाने का मामला भी सामने आया है। अमन ने रोते-रोते बताया कि उनके साथ क्या हुआ, जिससे छात्रों में आक्रोश और बढ़ गया। पुलिस प्रशासन इस मामले में भी जांच की बात कह रहा है, लेकिन प्रदर्शनकारी तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
फिलहाल, डाक बंगला चौराहे पर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है। छात्रों का प्रदर्शन कब तक चलेगा और पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।







