Bihar Weather: आज बिहार में मौसम की स्थिति सामान्य रहने का अनुमान है, लेकिन राज्य के कई जिलों में दिन चढ़ने के साथ बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 जिलों में वर्षा का पूर्वानुमान जताया है। हालांकि, विभाग ने पूरे राज्य के लिए कोई विशेष मौसम अलर्ट जारी नहीं किया है, जो बदलते बिहार वेदर की तस्वीर पेश करता है।
इस मॉनसून सीजन में राज्य में सामान्य से 42% कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 25 अगस्त तक बिहार में लगभग 732 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 425.4 मिमी ही दर्ज की गई है। यह स्थिति किसानों और आम जनता के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
कम दबाव का क्षेत्र बना वजह
मौसम में यह बदलाव मुख्य रूप से गंगा के मैदानी इलाकों से सटे पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा पर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण हो रहा है। यह सिस्टम सोमवार दोपहर तक सक्रिय था। इस प्रणाली से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। अगले 24 घंटों में यह कम दबाव का क्षेत्र झारखंड और उत्तरी ओडिशा से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की उम्मीद है।
इसके साथ ही, मॉनसून ट्रफ उत्तर-पश्चिम भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है, जो इसी कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से बिहार के कई स्थानों पर छिटपुट वर्षा होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान लखीसराय और नालंदा में बारिश दर्ज की गई है।
बांका जिले में वज्रपात की चपेट में आने से 18 वर्षीय खुशबू कुमारी की दुखद मौत हो गई। यह घटना मॉनसून के दौरान सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
पटना में आज भी उमस से राहत नहीं?
राजधानी पटना में आज रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। हालांकि, शहरवासियों को उमस भरी गर्मी से खास राहत मिलने की संभावना कम ही है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दिन में गर्मी का एहसास बढ़ जाएगा।
बारिश की संभावना के बावजूद, फिलहाल किसी भी जिले के लिए कोई गंभीर मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट पर ध्यान दें और वज्रपात से बचाव के उपाय करें।
मॉनसून की सुस्त चाल, 42% की कमी
इस वर्ष मॉनसून की धीमी गति ने बिहार में कृषि और जलस्तर को प्रभावित किया है। सामान्य से 42% कम वर्षा के कारण धान की खेती पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, आने वाले दिनों में कुछ जिलों में बारिश से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह मॉनसून की कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस कमी को पूरा करने के लिए व्यापक और लगातार बारिश की आवश्यकता है।
आगामी 24 घंटों में कम दबाव के क्षेत्र के आगे बढ़ने और मॉनसून ट्रफ के प्रभाव से बिहार में छिटपुट वर्षा जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, व्यापक राहत के लिए अभी भी इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट के प्रति सचेत रहें और खासकर वज्रपात से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।







