Bihar IAS Transfer: बिहार में प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शुक्रवार को राज्य सरकार ने बिहार में 6 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है, जिसकी अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी कर दी है। इस फेरबदल के तहत कई महत्वपूर्ण विभागों में नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में अहम बदलाव आने की उम्मीद है।
जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उनमें कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें हाल ही में एक पद से हटाया गया था और अब उन्हें नई भूमिकाएं दी गई हैं। नवादा और कैमूर जैसे जिलों में विकास आयुक्त (DDC) के पद पर तैनात अधिकारियों को भी दूसरी जगहों पर भेजा गया है।

इन IAS अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
इस प्रशासनिक पुनर्गठन में विभिन्न बैच के अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिन्हें उनकी नई पोस्टिंग मिली है:
- उज्ज्वल कुमार सिंह (2011 बैच): पशुपालन विभाग के निदेशक के पद से हटाकर ग्रामीण विकास विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है।
- श्रीकांत शास्त्री (2012 बैच): बेगूसराय के पूर्व डीएम, जिन्हें पिछले सप्ताह ही पद से हटाया गया था, अब उन्हें पशुपालन विभाग का नया निदेशक बनाया गया है। वह फिलहाल किसी पद पर तैनात नहीं थे।
- विवेक रंजन मैत्रेय (2017 बैच): सीवान के पूर्व जिलाधिकारी रहे मैत्रेय को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में अपर सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
- नितिन कुमार सिंह (2018 बैच): लंबे समय से नई पोस्टिंग की प्रतीक्षा कर रहे नितिन कुमार सिंह को शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षा निदेशक का पद सौंपा गया है।
- नीलिमा साहू (2021 बैच): नवादा में विकास आयुक्त (DDC) के पद पर कार्यरत नीलिमा साहू का तबादला कर उन्हें स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है।
- दिव्या शक्ति (2022 बैच): कैमूर की विकास आयुक्त (DDC) दिव्या शक्ति को अब उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है। दिव्या शक्ति पहले पटना में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर
इस बड़े Bihar IAS Transfer का उद्देश्य राज्य के विभिन्न विभागों में प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना और सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाना है। जिन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिली हैं, उनसे उम्मीद है कि वे अपने अनुभव और कार्यकुशलता से संबंधित विभागों में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।
विशेष रूप से, पशुपालन, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना एवं जनसंपर्क और उत्पाद एवं मद्य निषेध जैसे महत्वपूर्ण विभागों में हुए ये बदलाव सीधे तौर पर जनता से जुड़े हुए हैं। सरकार का यह कदम राज्य में सुशासन की दिशा में एक और प्रयास माना जा रहा है, जिससे प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक गतिशील बनाया जा सके।







