Bhagalpur Nathnagar Nala: बिहार के भागलपुर जिले के नाथनगर में एक बड़े सरकारी निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। यहां के नाथनगर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर चार स्थित अनाथालय रोड में एक मुख्य नाले का निर्माण चल रहा है, जिसकी लागत 30 लाख रुपए है। इस परियोजना में ठेकेदार द्वारा मानकों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगा है, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने काम रोक दिया है।
ग्रामीणों का दावा है कि नाले की खुदाई के बाद उसमें भरे बारिश के पानी को निकाले बिना ही सीमेंट, बालू और छर्री से मसाला तैयार किया जा रहा था। मजदूर घुटने भर पानी में खड़े होकर ही नाले में मसाला डाल रहे थे, जो गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ है। इस गड़बड़ी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।

30 लाख के प्रोजेक्ट में ‘पानी’ की धांधली का आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि जब उन्होंने मौके पर मौजूद मुंशी से निर्माण कार्य का एस्टीमेट दिखाने को कहा, तो उसने साफ इनकार कर दिया। इससे ग्रामीण और आक्रोशित हो गए और उन्होंने तत्काल काम बंद करवा दिया। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मेयर डॉ. वसुंधरा लाल से हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वार्ड पार्षद ने दिया गुणवत्ता सुधारने का आश्वासन
काम बंद होने और लोगों के आक्रोश की सूचना मिलने पर वार्ड पार्षद मनीष यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उनकी शिकायतें सुनीं। पार्षद मनीष यादव ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले में तुरंत जेई से बात करेंगे और निर्माण कार्य में पाई गई सभी गड़बड़ियों को दुरुस्त करवाया जाएगा।
वार्ड पार्षद मनीष यादव ने कहा, ‘जेई से बात कर जो भी गड़बड़ी होगी उसे दुरुस्त कराया जाएगा।’
बाद में, नगर निगम के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने ठेकेदार को गुणवत्तापूर्ण काम करने के सख्त निर्देश दिए। अब देखना यह है कि इन निर्देशों का पालन कितनी ईमानदारी से होता है और 30 लाख रुपए की इस परियोजना में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाती है या नहीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर काम की गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो वे आगे भी विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।







