Bhagalpur Liquor Case: बिहार में शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अदालतें कड़ा रुख अपना रही हैं। इसी कड़ी में भागलपुर के विशेष उत्पाद न्यायाधीश-2 शिव कुमार शर्मा की अदालत ने अवैध विदेशी शराब बरामदगी मामले में एक अभियुक्त को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है। इस फैसले से शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है।
शराब तस्कर अरविंद कुमार को 5 साल की जेल
अदालत ने अभियुक्त अरविंद कुमार को बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(a) के तहत दोषी पाया है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर अरविंद कुमार को 5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उन पर 1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
न्यायालय का स्पष्ट निर्देश है कि यदि अभियुक्त अरविंद कुमार जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला सबौर थाना कांड संख्या 356/2024 से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई लंबे समय से चल रही थी।
कैसे हुई थी शराब की बरामदगी?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 10 अक्टूबर 2024 की है। उस दिन पुलिस ने एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया था। इस दौरान सुमो विक्टा और अपाची मोटरसाइकिल से करीब 65.25 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई थी। बरामद की गई शराब में कई प्रसिद्ध ब्रांड शामिल थे, जिनमें रॉयल स्टैग, ब्लेंडर्स प्राइड और मैजिक मोमेंट्स प्रमुख थे।
इस मामले में अरविंद कुमार सहित कुल तीन अभियुक्त बनाए गए थे। पुलिस ने जांच के बाद तीनों को गिरफ्तार किया था।
दो अन्य अभियुक्त हुए बरी
हालांकि, इस मामले में नामित दो अन्य अभियुक्तों, माइकल डिजुआ उर्फ राजकुमार मंडल और राकेश कुमार उर्फ पप्पू पासवान को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण रिहा कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि उनके खिलाफ अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं थे, जिसके चलते उन्हें बरी करने का फैसला सुनाया गया।
यह फैसला बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर सरकार और न्यायपालिका के सख्त रवैये को दर्शाता है। उम्मीद है कि ऐसे फैसले शराब तस्करी में लिप्त लोगों के लिए एक कड़ा संदेश देंगे और राज्य में शराबबंदी को और प्रभावी बनाने में मदद करेंगे।







