Patna News: राजधानी पटना के गर्दनीबाग में बीते दो दिनों से धरने पर बैठे 6 वर्षीय आदित्य राज ने अपना विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव से मुलाकात और उनके ठोस आश्वासन के बाद आदित्य ने यह फैसला लिया। आदित्य अपनी मां के साथ पुलिस की कथित मारपीट के खिलाफ न्याय की मांग कर रहा था, जिस पर पप्पू यादव ने संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने का भरोसा दिलाया है।
सांसद पप्पू यादव ने दिया न्याय का भरोसा
सोमवार देर रात, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव स्वयं गर्दनीबाग पहुंचे और आदित्य राज से गहन बातचीत की। उन्होंने बच्चे और उसके परिवार को आश्वस्त किया कि इस गंभीर मामले में वे उनके साथ हर कदम पर खड़े रहेंगे।
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सांसद के भरोसे के बाद, आदित्य ने रात करीब 2 बजे अपना धरना समाप्त करने के बजाय, उसे ‘स्थगित’ करने का निर्णय लिया। आदित्य ने मीडिया को बताया कि पप्पू यादव ने उन्हें न्याय दिलाने का पक्का आश्वासन दिया है और परिवार की लड़ाई को सर्वोच्च न्यायालय तक ले जाने की बात कही है।
आदित्य ने यह भी कहा कि वह पप्पू यादव की बातों से पूरी तरह संतुष्ट है और उन्हें अपने पिता के समान मानता है। इसी अटूट भरोसे के आधार पर उसने अपना विरोध प्रदर्शन फिलहाल रोक दिया है।
पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर आदित्य राज के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘बिहारी वंडर बॉय आदित्य के माता-पिता के सम्मान की लड़ाई संसद से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे।’ उन्होंने यह भी जोड़ा, ‘आदित्य की शिक्षा-दीक्षा हेतु बहुत पहले से मेरा स्नेह उसे मिलता रहा है। वही भरोसा है जिस कारण बेटा आदित्य अनशन समाप्त करने को राजी हुआ। जब आदित्य से सब अंजान थे तब मैं इसकी प्रतिभा पहचाना था।’ यह पोस्ट 31 अगस्त, 2026 की तिथि पर साझा की गई।
पुलिस हिरासत और मां से मारपीट का आरोप
यह पूरा मामला पटना में हुए छात्र आंदोलन से जुड़ी घटनाओं के बाद सामने आया था। आंदोलन के दौरान 6 वर्षीय आदित्य राज और उसके माता-पिता को बिहार पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की बात कही गई थी।
आदित्य का आरोप है कि पुलिस हिरासत के दौरान उसकी मां के साथ मारपीट की गई। परिवार ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
न्याय की तलाश में, आदित्य पहले अपने वकील के साथ बिहार पुलिस मुख्यालय भी पहुंचा था, जहां उसने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। जब उसे संतोषजनक कार्रवाई की उम्मीद नहीं दिखी, तो उसने गर्दनीबाग में धरने का रास्ता चुना।
प्रधानमंत्री से मिलने की जताई थी इच्छा
धरने के दौरान आदित्य ने स्पष्ट किया था कि उसका विरोध केवल व्यक्तिगत शिकायत तक सीमित नहीं है। उसका कहना था कि उसके परिवार को कथित तौर पर निशाना बनाया गया और इस मामले में निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए। यही वजह थी कि उसने अपनी मां के साथ हुए कथित व्यवहार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अपनी बात पहुंचाने की इच्छा भी जताई थी।
पप्पू यादव के हस्तक्षेप के बाद आदित्य का धरना भले ही अस्थायी रूप से स्थगित हो गया हो, लेकिन यह मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। परिवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और न्याय की मांग पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी। सांसद पप्पू यादव ने सार्वजनिक मंच से आदित्य और उसके माता-पिता के सम्मान की लड़ाई लड़ने का संकल्प दोहराया है, जिससे इस मामले में आने वाले समय में और भी developments देखने को मिल सकते हैं।








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