Bihar Cabinet Expansion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में आगामी कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। बीजेपी के राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की बातें चल रही हैं। अगर यह बदलाव होता है, तो बिहार के कई नेताओं की कुर्सी पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। कुछ मौजूदा मंत्रियों के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली है, तो वहीं कुछ नए चेहरों को केंद्र में मंत्री बनने की उम्मीद नजर आने लगी है। कैबिनेट में किसे जगह मिलेगी और किसे नई जिम्मेदारी से नवाजा जाएगा, इसका फैसला आने वाले समय में ही साफ होगा।
मोदी कैबिनेट में बदलाव की चर्चा क्यों?
केंद्रीय मंत्रिमंडल में अधिकतम 81 मंत्री हो सकते हैं। मौजूदा स्थिति में लगभग 12 पद खाली बताए जा रहे हैं। ऐसे में इन खाली जगहों पर नए चेहरों को मौका देने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा, चर्चा है कि जिन मंत्रियों का काम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, उनमें से कुछ पर कार्रवाई हो सकती है। अधिक उम्र भी कुछ नेताओं के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। बताया जा रहा है कि युवा चेहरों को आगे लाने पर भी विशेष जोर दिया जा सकता है।
युवाओं और महिलाओं को मिल सकता है मौका
संभावित फेरबदल को 50 साल से कम उम्र वाले नेताओं और महिला चेहरों को आगे बढ़ाने की कोशिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जेन ज़ी यानी युवा पीढ़ी से जुड़े मुद्दों के बढ़ते असर को देखते हुए भी सरकार कैबिनेट में कुछ बदलाव कर सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन चर्चाओं में से कितनी बातें अंतिम फैसले का हिस्सा बनेंगी।
बिहार से अभी 8 मंत्री मोदी सरकार में शामिल
फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में बिहार से कुल 8 मंत्री शामिल हैं। इनमें 4 कैबिनेट मंत्री और 4 राज्य मंत्री हैं।
- **कैबिनेट मंत्री:**
- गिरिराज सिंह: वस्त्र मंत्रालय
- चिराग पासवान: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
- राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह: पंचायती राज के साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
- जीतराम मांझी: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय
- **राज्य मंत्री:**
- नित्यानंद राय: गृह मंत्रालय
- सतीश चंद्र दुबे: कोयला और खान
- रामनाथ ठाकुर: कृषि एवं किसान कल्याण
- राज भूषण चौधरी: जल शक्ति मंत्रालय
बिहार में इन नेताओं पर सबसे ज्यादा चर्चा
संभावित फेरबदल को लेकर बिहार के कुछ मौजूदा मंत्रियों के नाम भी चर्चा में हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। गिरिराज सिंह की उम्र को देखते हुए यह चर्चा है कि उनकी जगह विवेक ठाकुर को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। सतीश चंद्र दुबे की जगह राज्यसभा सांसद मनन मिश्रा को मौका दिए जाने की बात कही जा रही है। जल शक्ति मंत्रालय में राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी को लेकर भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है, उनके कामकाज को लेकर कुछ सवाल उठने की बात सामने आई है।
JDU में भी कैबिनेट बदलाव को लेकर हलचल
यह संभावित फेरबदल की चर्चा सिर्फ बीजेपी तक सीमित नहीं है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) को लेकर भी नए समीकरण की बात सामने आ रही है। चर्चा है कि संजय झा सितंबर में होने वाले कैबिनेट विस्तार का हिस्सा बन सकते हैं। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी JDU को दो मंत्री पद देने पर सहमत होते हैं, तो राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की कुर्सी पर खतरा नहीं होगा। लेकिन अगर JDU को सिर्फ एक मंत्री पद मिलता है, तो ऐसी स्थिति में ललन सिंह की जगह संजय झा को केंद्र में जगह मिलने की संभावना प्रबल है।
पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के दौरान संजय झा को केंद्र में मंत्री बनाने के मुद्दे पर भी बातचीत हुई थी।
अब सबकी निगाहें सितंबर में होने वाले संभावित केंद्रीय कैबिनेट विस्तार पर टिकी हैं। अगर फेरबदल होता है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार से किन पुराने चेहरों को हटाया जाता है, किसे नई जिम्मेदारी मिलती है और किन नए नेताओं की केंद्र में एंट्री होती है।







