Tejashwi Yadav: मोदी जी, से बाहर निकलकर की बात करिए। आपके बनावटी आंकड़ों और में नहीं, वह तो जमीन पर लोगों के जीवन, उनकी जेब और रसोई में दिखती है। मोदी जी जो दिखाते है वह होता नहीं है, जो नहीं दिखाते वही असल में जमीन पर होता है। बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की प्रति व्यक्ति आय भारत से अधिक है। किस बात का ग्रोथ मोदी जी?? साल हो गए अब तो झूठ और जुमले छोड़ जमीन पर काम कीजिए।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मौजूदा हालात पर तत्काल ध्यान देने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मांग की है। तेजस्वी यादव ने बाढ़ प्रभावितों के लिए सहायता, राशन और दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बाढ़ पर सरकार की उदासीनता और स्थायी समाधान की मांग
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में हर साल बाढ़ आती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए सरकारें गंभीर नहीं दिखतीं। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। नेता प्रतिपक्ष के अनुसार, बाढ़ अब केवल एक मौसमी समस्या नहीं रह गई है, बल्कि इसका असर हर साल बड़ी आबादी पर पड़ता है।
कई इलाकों में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़ते हैं और उनकी रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित होती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे समय में प्रशासन की तैयारी सबसे महत्वपूर्ण होती है। तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार को हालात बिगड़ने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि राहत और बचाव की तैयारी पहले से होनी चाहिए।
उन्होंने प्रभावित परिवारों तक समय पर राशन पहुंचाने, बीमार लोगों के लिए दवाइयों और इलाज की व्यवस्था करने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करने की बात कही।
बेरोजगारी, महंगाई और प्रशांत किशोर के आरोपों पर तेजस्वी का पलटवार
तेजस्वी यादव ने राजनीतिक संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार हो रही बैठकों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि युवाओं का संगठन से जुड़ना एक महत्वपूर्ण संकेत है। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में युवा मौजूदा सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और विपक्ष के संपर्क में आ रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने बताया कि संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार लोगों से संपर्क किया जा रहा है और बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत बनाना है। प्रशांत किशोर की ओर से कथित ‘डस्टबिन घोटाले’ को लेकर उनका नाम लिए जाने के सवाल पर तेजस्वी यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
राज्य में किसी भी मुद्दे पर उनका नाम लेना आसान बना दिया गया है। मुझे राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की जाती है। अगर मैंने कोई घोटाला किया होता तो केंद्रीय जांच एजेंसियां मुझे क्यों छोड़ देतीं?
उन्होंने कहा कि बिहार में कई घोटालों को लेकर सवाल उठते रहे हैं, जिनके बारे में लोगों को जानकारी है। तेजस्वी यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए प्रशांत किशोर और मंगल पांडे के संबंधों पर भी सवाल उठाया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इस संबंध में भी जवाब सामने आना चाहिए।
देश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि देश में बेरोजगारी और महंगाई बड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, जिससे आम लोगों की आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। उनके अनुसार, कई देशों की तुलना में भारत की प्रति व्यक्ति आय की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए और बेरोजगारी तथा महंगाई जैसे मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए।
तेजस्वी यादव के इन बयानों से बिहार की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि सत्ता पक्ष और केंद्र सरकार उनकी इन आलोचनाओं और आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है, और बाढ़ तथा आर्थिक मुद्दों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।







