Bihar Satellite Township: बिहार में प्रस्तावित महत्वाकांक्षी सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।
इनकी तुष्टिकरण की राजनीतिक देखिए…
मजार पर बार-बार हाजिरी, लेकिन बगल के मंदिर से दूरी। राजद के शहजादे तेजस्वी की श्रद्धा भी वोट बैंक देखकर तय होती है!

राजद ने जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया है, वहीं बिहार भाजपा ने पलटवार करते हुए राजद को ‘फेक न्यूज़ फैक्ट्री’ करार दिया है। भाजपा का कहना है कि राजद के लोग इस महत्वपूर्ण विकास परियोजना को लेकर किसानों में भ्रम फैला रहे हैं।
बिहार भाजपा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा, ‘RJD की फेक न्यूज फैक्ट्री का पर्दाफाश हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में NDA सरकार की महत्वाकांक्षी सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना को लेकर राजद द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। यह इस बात का प्रमाण है कि ये लोग बिहार के विकास और समृद्धि के असली रोड़ा हैं।’
रोहिणी आचार्या के आरोपों पर भाजपा का पलटवार
यह पूरा विवाद राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ। रोहिणी आचार्या ने सम्राट चौधरी सरकार पर आरोप लगाया था कि सैटेलाइट टाउनशिप के जरिए कॉर्पोरेट कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों की खेती वाली उपजाऊ जमीन जबरन ली जा रही है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इस योजना से कृषि योग्य उपजाऊ जमीन पर कंक्रीट के जंगल खड़े होंगे और हरित क्षेत्रों को नुकसान पहुंचने से जल स्तर गिरेगा तथा स्थानीय पर्यावरण को गंभीर क्षति होगी।
इन आरोपों का जवाब देते हुए बिहार भाजपा ने स्पष्ट किया कि राजद राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए भ्रम फैला रही है। भाजपा ने जोर देकर कहा कि एनडीए सरकार बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और राजद इसमें बाधा उत्पन्न कर रहा है।
किसानों को मिला सरकार का बड़ा आश्वासन
सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना को लेकर किसानों की चिंताओं के बीच, एनडीए सरकार ने एक महत्वपूर्ण आश्वासन दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो किसान अपनी जमीन नहीं देना चाहते, उनकी जमीन जबरन नहीं ली जाएगी। नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने भी इस बात को दोहराया है।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने किसानों को आश्वस्त किया है कि किसी भी भूधारी से उसकी जमीन सहमति के बगैर नहीं ली जाएगी। इसके अतिरिक्त, जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें उनकी कुल जमीन का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा विकसित कर वापस लौटाया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी किसान के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा।
क्या है बिहार सैटेलाइट टाउनशिप योजना?
दरअसल, इसी महीने की 22 तारीख को पटना में पाटलिपुत्र टाउनशिप के स्टेकहोल्डर्स की एक बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में मंत्री नीतीश मिश्रा की मौजूदगी में कुछ किसानों ने हंगामा भी किया था, जिसके बाद मंत्री ने उन्हें यह आश्वासन दिया।
बिहार में शहरीकरण के विस्तार के उद्देश्य से शहरी सुविधाओं से लैस कुल 12 टाउनशिप विकसित करने की योजना चलाई जा रही है। इन टाउनशिप में सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज, स्कूल, अस्पताल, पार्क और बाजार जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। राज्य के 12 बड़े और महत्वपूर्ण जिलों में इन टाउनशिप के लिए जमीन चिह्नित की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि इन टाउनशिप के माध्यम से शहरी विकास को गति मिले और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।








You must be logged in to post a comment.