Bihar Seva Yatra Sangini: बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। अब उन्हें अनुशासनिक कार्रवाई से जुड़े जटिल नियमों को समझने में परेशानी नहीं होगी। हाल ही में ‘सेवा यात्रा संगिनी’ नामक एक पुस्तक का विमोचन किया गया है, जो सरकारी सेवकों को इन नियमों को आसान और व्यवस्थित तरीके से समझने में मदद करेगी। इस कदम से विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने गुरुवार को मुख्य सचिवालय के सभागार में इस पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक अनुशासनिक कार्रवाई संबंधित नियमों की जटिलता को दूर करने में सहायक होगी। मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि इसके माध्यम से सरकारी सेवकों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई में नैसर्गिक न्याय सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

सरकारी सेवकों को मिलेगी नियमों की स्पष्ट जानकारी
प्रत्यय अमृत ने इस अवसर पर कहा कि अक्सर सरकारी सेवा के दौरान नियम-पुस्तिकाओं और संबंधित प्रावधानों की समय पर उपलब्धता न होने से कार्यों में दिक्कतें आती हैं। ऐसे में ‘सेवा यात्रा संगिनी’ जैसी पहल अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय और खासकर महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह के इस प्रयास की सराहना की। उनके अनुसार, यह पहल सरकारी कर्मियों के ज्ञान और क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने निर्देश दिया कि पुस्तक की सॉफ्ट कॉपी सभी विभागों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपनी जरूरत के अनुसार इसकी प्रतियां तैयार कराकर कर्मचारियों तक पहुंचा सकें।
‘सेवा यात्रा संगिनी’: CCA नियमावली 2005 का सार
कार्यक्रम में महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने पुस्तक तैयार करने के पीछे के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्य जांच आयुक्त का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने महसूस किया कि सरकारी सेवकों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के दौरान कई बार नियमों के पालन में गलतियां होती हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए पदाधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण की आवश्यकता थी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए निदेशालय ने बिहार सरकारी सेवक वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील (CCA) नियमावली, 2005 से संबंधित प्रावधानों को समेकित कर विभागों को उपलब्ध कराने की पहल की है। यह ‘सेवा यात्रा संगिनी’ इस श्रृंखला की आठवीं पुस्तक है, जबकि सामान्य प्रशासन विभाग ने इससे पहले सात पुस्तकें प्रकाशित की हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों से मजबूत होगी नियमों की समझ
दीपक कुमार सिंह ने यह भी बताया कि ‘सेवा यात्रा संगिनी’ को अनुशासनिक कार्रवाई और सेवा संबंधी नियमों को आसानी से समझने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि कृषि और श्रम विभाग के साथ-साथ पुलिस विभाग तथा अन्य विभागों के पदाधिकारियों को अनुशासनिक कार्रवाई से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा चुका है। राज्य में मास्टर ट्रेनर्स की तैनाती के लिए भी लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। निदेशालय में सतीश कुमार तिवारी, भगवान दास साहू और शालिग्राम पांडेय को अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए स्थायी नियुक्ति दी गई है।
इस पहल की सराहना करते हुए डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि विभागीय कार्रवाई के शुरुआती चरण से लेकर न्यायालय में लंबित याचिकाओं के निपटारे तक ‘सेवा यात्रा संगिनी’ अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि निदेशालय द्वारा पुलिस अधिकारियों को दी गई हालिया ट्रेनिंग से मामलों के संचालन और कार्रवाई में काफी सहूलियत मिली है। कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहैल ने अतिथियों का स्वागत किया और पुस्तक की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। इस विमोचन के साथ ही, सरकारी सेवकों से संबंधित अनुशासनिक नियमों की जानकारी को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है, जिसका सीधा लाभ बिहार के लाखों कर्मचारियों को मिलेगा।








