Darbhanga Court News: बिहार के दरभंगा सिविल कोर्ट ने गंभीर आपराधिक मामलों में कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने दुष्कर्म, गैंगरेप और दहेज हत्या जैसे संगीन अपराधों के तीन अलग-अलग मामलों में अभियुक्तों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। यह फैसला न्यायपालिका की ओर से अपराधियों को सख्त संदेश देता है कि ऐसे घृणित कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने वाले आरोपी की जमानत याचिका खारिज
मनसारा निवासी सुरेश साह पर एक विवाहिता के घर में घुसकर दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाकर वायरल करने का संगीन आरोप है। बड़गांव थानाकांड संख्या 78/26 के तहत दर्ज इस मामले में आरोपी सुरेश साह 29 जून 26 से न्यायिक हिरासत में है। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने अदालत के समक्ष मामले की गंभीरता को प्रस्तुत किया। न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने सुरेश साह की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया, जिससे पीड़ित को न्याय की उम्मीद मिली है।

गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग के आरोपियों को नहीं मिली अग्रिम जमानत
एक अन्य गंभीर मामले में, महिला थानाकांड संख्या 106/26 के तहत दर्ज गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग के आरोप में दो महिला अभियुक्तों, यास्मीन फातमा और समरीन फातमा की अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत ने रद्द कर दी। इन दोनों पर गैंगरेप में सहयोग करने और पीड़िता का वीडियो डिलीट कराने के नाम पर चार लाख रुपये की मांग करने का आरोप है। अदालत ने इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है।
दहेज हत्या के आरोपी रमण दास की भी जमानत हुई रद्द
दहेज हत्या के एक मामले में भी दरभंगा सिविल कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। बहेड़ी थानाकांड संख्या 354/26 में काराधीन अभियुक्त रमण दास, जो कुशियाम निवासी है, की जमानत याचिका को भी प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने खारिज कर दिया। यह निर्णय दहेज उत्पीड़न और हत्या जैसे सामाजिक अपराधों के प्रति अदालत के जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाता है। इन सभी फैसलों से यह स्पष्ट है कि दरभंगा कोर्ट जघन्य अपराधों पर अंकुश लगाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।







