Bihar Flood: बिहार के भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति भयावह होती जा रही है। नाथनगर प्रखंड के कई गांव पूरी तरह पानी में डूब गए हैं, जिससे करीब 5 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं, जहां उन्हें भोजन और जलावन के साथ-साथ सांपों के खतरे का भी सामना करना पड़ रहा है।
जान बचाने ऊंचे स्थानों पर पलायन, 5000 लोग बेघर
नाथनगर प्रखंड के रत्तीपुर, बैरिया, शंकरपुर, अजमेरीपुर, रसीदपुर और श्रीरामपुर जैसे कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि ग्रामीण अपने परिवार और जरूरी सामान के साथ रविंद्र भवन, टिल्लाह कोठी और अन्य ऊंचे स्थानों पर जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण उन्हें ऐसी त्रासदी झेलनी पड़ती है। इस बार भी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, चूल्हा जलाना भी चुनौती
बाढ़ के पानी के साथ-साथ लगातार हो रही बारिश ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। खुले या अस्थायी ठिकानों पर रह रहे परिवारों के लिए खाना बनाना और रात गुजारना बेहद मुश्किल हो गया है। एक ग्रामीण ने बताया, ‘बारिश के मौसम में चूल्हा तक नहीं जल पाता। हमें सूखा राशन खाकर गुजारा करना पड़ रहा है।’ जलावन की कमी के कारण पशुओं के चारे का संकट भी गहरा गया है। महिलाएं किसी तरह आसपास से चारा जुटाकर पशुओं को खिला रही हैं।
सांपों का खतरा और प्रशासन से मदद की गुहार
बाढ़ के पानी के बीच सांप जैसे जहरीले जीवों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। लोग रात में भी दहशत में रहते हैं, क्योंकि कभी भी कोई जहरीला जीव उनके अस्थायी ठिकानों तक पहुंच सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षित स्थान, भोजन, जलावन, पशु चारा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। वे अब सिर्फ बाढ़ का पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि सामान्य जीवन फिर से शुरू हो सके।







