Bhagalpur Erosion: गंगा नदी के भीषण कटाव से भागलपुर के राघोपुर में हाहाकार मचा हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर कुमार और भागलपुर कमिश्नर प्रेम सिंह मीणा खुद कटाव स्थल पर डेरा डाले हुए हैं। वे लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं और पलायन कर रहे लोगों से बातचीत भी कर रहे हैं।
दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कटाव रोधी कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा है कि पलायन कर रहे लोगों के लिए मूलभूत सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

कटावरोधी कार्य में आ रही बड़ी चुनौती
राघोपुर को बचाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं। कटावरोधी कार्यों के लिए अब स्टीमर का भी प्रयोग किया जा रहा है। जियो बैग की मदद से बांध को सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण राहत कार्यों में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर कुमार ने बताया, “कटाव रोधी कार्य तो यहां जारी है, लेकिन हाल ही में 24 तारीख को मार्जिनल बंध का एक हिस्सा कट गया और कटाव का दायरा लगातार बढ़ता ही गया। हम लोग अब पुरानी रेल लाइन बांध को सुरक्षित कर रहे हैं। कटावरोधी कार्य में भी समस्या हो रही है। यहां जो भी बोरियों, बांस, जियो बैग, कुछ भी पानी में डाल रहे हैं, वह पानी में बह जा रहा है। वहीं, जलस्तर अभी और बढ़ने की संभावना है।”
पुरानी रेल लाइन बांध पर बढ़ा दबाव
सचिव के बयान से स्पष्ट है कि कटाव की रफ्तार चिंताजनक बनी हुई है। मार्जिनल बंध के कटने के बाद अब पुरानी रेल लाइन बांध को सुरक्षित करना एक बड़ी प्राथमिकता बन गई है। पानी में डाली जा रही सामग्री का लगातार बह जाना राहत टीमों के लिए एक गंभीर चुनौती पैदा कर रहा है। ऐसे में, आगामी दिनों में जलस्तर बढ़ने की आशंका राघोपुर के लिए और भी बड़े संकट का संकेत दे रही है। प्रशासन और विभाग के सामने इस विकट परिस्थिति से निपटने की चुनौती बनी हुई है।







