Bihar EOU Fake Officer: बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बड़े मामले का खुलासा किया है, जहां खुद को EOU अधिकारी बताकर एक इंजीनियर को जान से मारने और नौकरी खत्म करने की धमकी दी जा रही थी. इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. यह घटना पटना में सामने आई है, जिसने सरकारी महकमों में हड़कंप मचा दिया है.
फर्जी अफसर ने दी इंजीनियर को धमकी, मांगे पैसे
लघु सिंचाई विभाग में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के पद पर तैनात राजेंद्र कुमार ने 3 सितंबर 2026 को EOU में शिकायत दर्ज कराई थी. राजेंद्र कुमार, जो गोपालगंज के मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और पटना स्थित विभाग के मुख्यालय से भी जुड़े काम देखते हैं, उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनके मोबाइल पर लगातार अज्ञात नंबरों से फोन और WhatsApp मैसेज आ रहे थे. फोन करने वाला खुद को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का अधिकारी बताकर उनसे पैसे की मांग कर रहा था.
शिकायत में राजेंद्र कुमार ने बताया, “पैसे नहीं देने पर मुझे लगातार धमकी दी जा रही थी. कहा गया कि अगर पैसे नहीं दिए तो मेरे खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी. इतना ही नहीं, नौकरी खत्म कराने, शारीरिक नुकसान पहुंचाने और जान से मारने तक की धमकी दी जा रही थी.”
जांच के बाद दो आरोपी गिरफ्तार
राजेंद्र कुमार की शिकायत के बाद EOU ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की. इस जांच के दौरान पुलिस को अमित कुमार और मंजीत कुमार की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली. पुख्ता सबूत मिलने के बाद बिहार पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस की पूछताछ में मंजीत कुमार ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. उसने बताया कि उसने ही राजेंद्र कुमार को फोन, WhatsApp और SMS के जरिए खुद को EOU का अधिकारी बताकर पैसे मांगे थे. मंजीत पर राजेंद्र कुमार को अलग-अलग तरीकों से धमकाने का भी आरोप है. पुलिस को आरोपियों के फोन से ऐसी चैट भी मिली है, जिसमें शिकायतकर्ता को मैसेज भेजकर डराने और पैसे देने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की गई थी.
आर्थिक अपराध इकाई इस मामले में आगे की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं और क्या उन्होंने पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है. इस गिरफ्तारी से ऐसे फर्जी अधिकारियों पर लगाम कसने में मदद मिलेगी.







