Bihar Madhubani Agriculture: प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में मधुबनी जिले ने देश भर में सातवां स्थान हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल ने इस गौरवपूर्ण प्रदर्शन के लिए जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा और उनकी टीम को बधाई दी है। यह सफलता जिले में कृषि विकास को नई गति दे रही है, जिससे यहां के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
मधुबनी की राष्ट्रीय पहचान और प्रगति के सूचकांक
12 सितंबर 2026 को मधुबनी समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में संयुक्त सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन का जायजा लिया। इस योजना के तहत देशभर के 100 जिलों में मधुबनी को सातवां स्थान मिला है। जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने जिले को नंबर वन बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई और पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजना के सफल कार्यान्वयन का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। जिले की इस शानदार रैंकिंग में एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) की बढ़ती संख्या, उत्पादक कंपनियों का विस्तार और प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों की सक्रिय भागीदारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की संख्या 1875 से बढ़कर 2375 हो गई है, जो एक बड़ा सकारात्मक बदलाव है।

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, ये हैं मुख्य उद्देश्य
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का मुख्य लक्ष्य कम कृषि उत्पादकता वाले जिलों में खेती और इससे संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसका उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और कृषि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाना है। बिहार के सात चयनित जिलों में मधुबनी के अलावा दरभंगा, बांका, गया, सिवान, किशनगंज और नवादा शामिल हैं। इस योजना के तहत मधुबनी में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने, टिकाऊ और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, फसल कटाई के बाद भंडारण एवं प्रसंस्करण को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों के लिए कृषि ऋण की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
किसानों के लिए बहुआयामी लाभ और नई पहल
बैठक के दौरान किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। संयुक्त सचिव ने किसानों को उन्नत और उपयुक्त बीज उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने ‘किसान ही किसान को पढ़ाएं’ की अवधारणा पर एक्सपोजर विजिट आयोजित करने और किसान पाठशालाओं के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने का निर्देश दिया। एनआरसी (राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र) और केवीके (कृषि विज्ञान केंद्र) के अधिकारियों की एक कमेटी गठित कर नवीन कृषि तकनीकों की व्यावहारिकता की जांच करने को भी कहा गया। जिलाधिकारी ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए बैंकों को सक्रिय रूप से काम करने का निर्देश दिया और आगामी दो महीनों में विशेष कैंप लगाकर युद्ध स्तर पर KCC की संख्या में गुणात्मक वृद्धि करने का लक्ष्य रखा है। जिला उद्यान पदाधिकारी को आम के बगीचों में ओल और हल्दी की खेती के लिए मार्गदर्शन देने का निर्देश दिया गया है।
जलजमाव और मखाना-मत्स्य पालन: चुनौतियों से अवसर तक
मधुबनी जिले की मुख्य चुनौतियों में जलजमाव और सीमित सिंचाई की सुविधा शामिल है। हालांकि, जिलाधिकारी ने मखाना की खेती, मत्स्य पालन, मक्का फसल आच्छादन में वृद्धि और फसल विविधीकरण को मुख्य अवसर बताया। जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि 11 चौर रकबा में कुल 427.5 एकड़ क्षेत्र विकसित किया गया है। संयुक्त सचिव ने मखाना और मछली की खेती के सर्वेक्षण, आंकड़ा संकलन और कार्यप्रणाली के अध्ययन पर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के सभी घटकों में शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति और मत्स्य पालक किसानों को KCC से जोड़ने पर जोर दिया गया। जलकुंभी को ‘वेस्ट टू वेल्थ’ में बदलने के लिए एक त्रिस्तरीय दल को अध्ययन कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है। कृषि विज्ञान केंद्र, सुखैत मधुबनी के वरीय वैज्ञानिक ने बताया कि जलकुंभी से बायो कम्पोस्ट बनाने पर अनुसंधान चल रहा है, जिसके प्रमाणीकरण के बाद बड़े पैमाने पर काम करने की योजना है।
जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत जिले में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा, ‘जिले की मुख्य चुनौतियों में जलजमाव और सीमित सिंचाई शामिल हैं। मधुबनी में कृषि की संभावनाओं के रूप में मखाना की खेती, मत्स्य पालन, मक्का फसल आच्छादन में वृद्धि और फसल विविधीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।’
इस बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला कृषि पदाधिकारी, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण सह नोडल पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मधुबनी जिला प्रशासन और कृषि विभाग मिलकर किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं, जिससे यह जिला आने वाले समय में कृषि के क्षेत्र में और भी ऊंचाइयों को छू सके।







