Darbhanga POCSO Court: बिहार के दरभंगा में पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश सुलेखा झा की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने 8 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास और गंदी नीयत से छेड़खानी के गंभीर आरोप में लक्ष्मी चौपाल को दोषी करार दिया है। इस फैसले के बाद अब सभी की निगाहें 19 सितंबर पर टिकी हैं, जब अदालत दोषी को मिलने वाली सजा की अवधि निर्धारित करेगी। यह निर्णय बाल यौन अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश देता है।
अभियोजन पक्ष का संचालन पॉक्सो के स्पेशल पीपी विजय कुमार पराजित ने किया। उन्होंने बताया कि बहेड़ा थानाकांड संख्या 254/15 से जुड़े जीआर नंबर 15/2015 की सुनवाई पूरी करते हुए अदालत ने सोमवार को अभियुक्त लक्ष्मी चौपाल, जो बहेड़ा थानाक्षेत्र के सुपौल गांव निवासी खोखाई चौपाल का पुत्र है, उसे दोषी ठहराया।

कानूनी धाराओं और आरोपों की पुष्टि: गंभीर अपराध में सजा तय
अदालत ने लक्ष्मी चौपाल को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376/511 (दुष्कर्म का प्रयास) और धारा 354(बी) (बुरी नीयत से छेड़खानी) के तहत दोषी पाया है। इसके अतिरिक्त, पॉक्सो एक्ट की धारा 6/18 और धारा 10 के तहत भी उसे दोषी करार दिया गया है। ट्रायल के दौरान, अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में कुल 8 गवाहों की गवाही पेश की और कई दस्तावेजी सबूत भी प्रस्तुत किए, जिसके परिणामस्वरूप अभियुक्त का जुर्म साबित करने में सफलता मिली।
फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी और लंबी कानूनी लड़ाई
इस मामले में अभियुक्त ट्रायल के दौरान फरार हो गया था, जिसके कारण विचारण पूरा करने में काफी विलंब हुआ। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद अभियुक्त लक्ष्मी चौपाल को 13 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था। तब से वह जेल में बंद है। इस लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब जाकर न्याय की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
न्यायालय का सख्त संदेश: 19 सितंबर को तय होगी सजा
न्यायालय के इस फैसले ने समाज में बाल यौन अपराधों के प्रति सख्त रुख का प्रदर्शन किया है। अब लोगों की निगाहें 19 सितंबर की तारीख पर टिकी हैं, जब दरभंगा पॉक्सो कोर्ट दोषी लक्ष्मी चौपाल को उसकी अपराध की गंभीरता के अनुसार सजा सुनाएगी। यह निर्णय भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए एक मजबूत मिसाल कायम करेगा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होगा।







