Bihar Police: मुजफ्फरपुर जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। उन्होंने कर्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण के गंभीर आरोपों में बेनीबाद थाने में पदस्थापित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है, और Bihar Police में जवाबदेही का कड़ा संदेश गया है।
निलंबित किए गए कर्मियों में पु०अ०नि० (सब-इनस्पेक्टर) मौर्यन् दीपांकरण, सिपाही संख्या 636 सौरभ कुमार और चौकीदार गुल्टेन कुमार शामिल हैं। इसके साथ ही, बेनीबाद थानाध्यक्ष पु०अ०नि० धीरेन्द्र कुमार सिंह से अपने अधीनस्थों पर नियंत्रण नहीं रख पाने के कारण स्पष्टीकरण (शो-कॉज) भी मांगा गया है।
वायरल ऑडियो से खुली पोल: पुलिसकर्मियों की करतूत
यह मामला तब सामने आया जब पुलिस कार्यालय को बेनीबाद थाना के पुलिसकर्मियों से संबंधित एक ऑडियो क्लिप प्राप्त हुई। इस ऑडियो में पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध लेन-देन की बात स्पष्ट रूप से सुनाई दे रही थी, जिसने उनके संदिग्ध आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने तुरंत अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), पूर्वी-01 को जांच का जिम्मा सौंपा।
जांच में सामने आए गंभीर आरोप: बिचौलिए का भी नाम
एसडीपीओ द्वारा की गई त्वरित जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए। जांच रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि इन पुलिसकर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पकड़कर थाने लाए गए अभियुक्तों को अपने वरिष्ठ अधिकारियों या थानाध्यक्ष को सूचित किए बिना ही छोड़ दिया था। इसके एवज में एक निजी व्यक्ति (बिचौलिए) के माध्यम से मोटी रकम का लेन-देन किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि वायरल ऑडियो में जिस निजी व्यक्ति का नाम बार-बार आ रहा था, वह पहले से ही कई आपराधिक मामलों में आरोपी है।
जांच में स्पष्ट हुआ कि उक्त मामले में ओ०डी० पदाधिकारी के रूप में कार्यरत पु०अ०नि० मौर्यन् दीपांकरण, सिपाही सौरभ कुमार और चौकीदार गुल्टेन कुमार की भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध थी। इन कर्मियों का अभियुक्तों और दागियों से संपर्क रखना पुलिस सेवा की गरिमा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के बिल्कुल विपरीत पाया गया।
थानाध्यक्ष पर भी गिरी गाज: प्रशासनिक नियंत्रण में चूक
एसडीपीओ पूर्वी-01 द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन के आलोक में एसएसपी ने तीनों दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया। हालांकि, बेनीबाद थानाध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार सिंह, जिन्होंने 14 अगस्त 2026 को ही पदभार ग्रहण किया था, की सीधी संलिप्तता जांच में नहीं पाई गई। फिर भी, अपने स्टाफ पर प्रशासनिक नियंत्रण न रख पाने के कारण उनसे जवाब तलब किया गया है। एसएसपी की इस सख्त कार्रवाई से मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में एक कड़ा संदेश गया है कि कर्तव्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।







