Bihar Solar Scheme: बिहार के लाखों घरों के लिए अब बिजली बिल की चिंता कम होने वाली है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर उपभोक्ताओं को भारी सब्सिडी दे रही हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना, बिजली के खर्च को कम करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। राज्य सरकार ने अपनी ओर से अतिरिक्त सहायता देकर इस योजना को और भी आकर्षक बना दिया है, जिसका लक्ष्य प्रदेश के लगभग 10 लाख उपभोक्ताओं तक पहुंचना है।
राज्य सरकार की अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ
इस योजना के अंतर्गत, उपभोक्ता अपनी छत पर सोलर पैनल लगाकर अपनी बिजली की जरूरतें खुद पूरी कर सकते हैं। इतना ही नहीं, अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर ‘नेट मीटरिंग’ का लाभ भी उठाया जा सकता है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, इस व्यवस्था से हर महीने 300 यूनिट तक बिजली की बचत संभव है। बिहार सरकार ने केंद्र की सब्सिडी के अतिरिक्त, प्रति किलोवाट 10 हजार रुपये की सहायता राशि मंजूर की है, जिसकी अधिकतम सीमा 20 हजार रुपये है। यह अतिरिक्त सहायता 31 मार्च 2027 तक उपलब्ध रहेगी, जिससे अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।
मुफ्त बिजली का मौका: इन परिवारों को मिलेगा फायदा
गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले और कुटीर ज्योति योजना के तहत आने वाले उपभोक्ताओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इन परिवारों के घरों पर 1.1 किलोवाट का सोलर सिस्टम बिल्कुल मुफ्त लगाया जा रहा है। इस पूरे सिस्टम की लागत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन कर रही हैं। यह पहल इन कमजोर वर्ग के परिवारों को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
योजना का लक्ष्य और ऊर्जा बचत
सरकार का लक्ष्य नवंबर 2026 तक बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़ना है। अनुमान है कि इस योजना से इन परिवारों को हर महीने करीब 125 यूनिट बिजली मुफ्त में मिलेगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा और आर्थिक बोझ कम होगा। यह योजना न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ पहुंचाएगी, बल्कि राज्य को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ने में भी मदद करेगी।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बिहार में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और आर्थिक राहत का एक नया अध्याय लिखेगी। लाखों परिवारों को बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी और वे पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे पाएंगे।
इस योजना के सफल क्रियान्वयन से बिहार में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आएगी। सरकार की यह पहल नागरिकों को स्थायी और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।







