Bihar Weather Alert: सितंबर के तीसरे सप्ताह की शुरुआत के साथ ही मौसम का रुख एक बार फिर बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान में बिहार सहित पूर्वी भारत के कई हिस्सों में 18 सितंबर को बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। देश के अन्य भागों में भी गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश की आशंका बनी हुई है।
बिहार में 18 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम?
18 सितंबर को बिहार के कई क्षेत्रों में वर्षा देखने को मिल सकती है। हालांकि, पूरे राज्य में मौसम की स्थिति एक समान नहीं रहेगी। कुछ इलाकों में बारिश का प्रभाव अधिक हो सकता है, जबकि कई स्थानों पर केवल बादल छाए रहने या हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। बारिश के साथ कुछ जगहों पर तेज गरज-चमक भी लोगों को परेशान कर सकती है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय स्तर पर मौसम में तीव्र बदलाव दर्ज किए जा सकते हैं।
IMD के नवीनतम अपडेट के अनुसार, आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र की गतिविधियां भी मौसम को गहराई से प्रभावित करेंगी।
पूर्वी भारत में मानसून का असर: पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बारिश
पूर्वी भारत के राज्यों में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है। बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई हिस्सों में भी बारिश होने के आसार हैं। इन क्षेत्रों में मौसम की मौजूदा स्थिति पर बंगाल की खाड़ी में विकसित होने वाली मौसमी प्रणालियों का असर आगे भी देखा जा सकता है। हालांकि, जिलेवार बारिश की स्थिति अलग-अलग रह सकती है।
उत्तर भारत में भी बदलेगा मौसम: हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में अलर्ट
उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी 18 सितंबर को मौसम सक्रिय रहने की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को बारिश के दौरान सड़कों पर आवाजाही करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। वहीं, मैदानी इलाकों में भी गरज-चमक के समय खुले स्थानों से दूरी बनाए रखना ही सुरक्षित विकल्प होगा।
19 सितंबर के बाद क्या होगा? IMD का नया अपडेट
IMD ने 17 सितंबर को जारी अपने अपडेट में बताया है कि 19 सितंबर के आसपास अंडमान सागर और उसके आसपास के क्षेत्र में एक निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है। इस मौसमी प्रणाली के बनने के बाद, मौसम की गतिविधियों में और अधिक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल, सभी लोगों के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वे अपने स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखें। विशेष रूप से बारिश और गरज-चमक के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और खुले मैदानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें, क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है।







