Patna Cyber Fraud: बिहार की राजधानी पटना में साइबर ठगों के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बैंक कस्टमर केयर नंबरों से मिलते-जुलते मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को चूना लगाने वाले आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। दूरसंचार विभाग (DoT) से मिली शुरुआती जानकारी के बाद CCSU, बिहार पुलिस और साइबर पुलिस, पटना की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली है।
बैंक प्रतिनिधि बन ऐसे करते थे ठगी
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार संदिग्ध खुद को एक्सिस बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि बताते थे। वे बैंक के टोल-फ्री और कस्टमर केयर नंबरों से मिलते-जुलते मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे। इन नंबरों से फोन करके वे लोगों को अपने झांसे में लेते थे और उनकी संवेदनशील बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश करते थे। कई बार वे सीधे वित्तीय लेन-देन भी करा लेते थे। पुलिस के अनुसार, ऐसे मोबाइल नंबर खास तौर पर चुने जाते थे जो वास्तविक बैंकिंग हेल्पलाइन नंबरों जैसे दिखें, ताकि लोग आसानी से उन पर भरोसा कर लें।
एक्सिस बैंक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर चेतावनी देता है कि संदिग्ध कॉल पर निजी या वित्तीय जानकारी साझा न करें और बैंक के आधिकारिक चैनलों से नंबर की पुष्टि करें।
मोबाइल नंबर पोर्टिंग का दुरुपयोग भी जांच के दायरे में
इस मामले की जांच के दौरान मोबाइल नंबरों की धोखाधड़ीपूर्ण पोर्टिंग से जुड़े शुरुआती तथ्य भी सामने आए हैं। पुलिस को आशंका है कि साइबर ठगी के लिए मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया और दूरसंचार संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा था। इस गंभीर पहलू पर भी गहन जांच जारी है।
इन बहानों से लोगों को बनाते थे शिकार
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, ये ठग लोगों से संपर्क साधने के लिए कई तरह के बहाने बनाते थे। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- बिजली बिल अपडेट
- बैंक खाता अपडेट
- रिवॉर्ड प्वाइंट या रिवॉर्ड प्वाइंट रिडेम्पशन
- क्रेडिट लिमिट बढ़ाना
इन आकर्षक और जरूरी लगने वाले बहानों से वे आम लोगों को आसानी से अपने जाल में फंसा लेते थे।
गुड्डू और परतोश समेत आठ गिरफ्तार
पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें गुड्डू कुमार और परतोश कुमार नाम के दो आरोपी भी शामिल हैं। पुलिस अब इन गिरफ्तार लोगों की भूमिका, उनके आपसी संबंधों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है। आम जनता को सलाह दी जाती है कि किसी भी अज्ञात या संदिग्ध कॉल पर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें और हमेशा बैंक के आधिकारिक माध्यमों से ही संपर्क करें।






