Bihar Vikramshila Setu: भागलपुर में गंगा नदी का कटाव अब बिहार के प्रतिष्ठित विक्रमशिला सेतु के लिए बड़ा खतरा बन गया है। राघोपुर तटबंध पर लगातार हो रहे भूमि कटाव से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है, वहीं दूसरी ओर VIP पार्टी की प्रत्याशी रहीं अपर्णा कुमारी ने पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र से इस्तीफे की मांग कर दी है।
राघोपुर में कटाव का कहर जारी
राघोपुर तटबंध के डाउन स्ट्रीम में गंगा का कहर अभी भी जारी है। नदी लगातार तटबंध पर दबाव बना रही है, जिससे जल संसाधन विभाग की टीम अलर्ट मोड पर आ गई है। तटबंध को बचाने के लिए बड़े जहाजों का उपयोग कर मेगा जियो बैग नदी में डाले जा रहे हैं, लेकिन कटाव रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
विक्रमशिला सेतु पर मंडराया बड़ा खतरा?
राघोपुर तटबंध के पास नदी का कटाव जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उससे गंभीर आशंकाएं पैदा हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कटाव इसी रफ्तार से जारी रहा, तो गंगा की धारा और उसका दबाव नवगछिया की दिशा से विक्रमशिला सेतु की ओर बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में सेतु के आसपास नदी के बहाव और दबाव की स्थिति अत्यंत गंभीर हो सकती है। हालांकि, सेतु पर वास्तविक खतरे का आकलन विस्तृत तकनीकी और विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
जल संसाधन विभाग की टीम इस खतरे को नियंत्रित करने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। नदी की तेज धारा और निरंतर हो रहे कटाव ने प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की चिंता भी बढ़ा दी है।
मंत्री पर लगे गंभीर आरोप, इस्तीफे की मांग
बिहपुर विधानसभा से VIP की प्रत्याशी रहीं अपर्णा कुमारी ने तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राघोपुर बांध पर अभी भी खतरा बना हुआ है, और गंगा नदी का बढ़ता दबाव आने वाले समय में विक्रमशिला सेतु पर भी संकट ला सकता है।
अपर्णा कुमारी ने कहा, ‘विक्रमशिला सेतु के अप स्ट्रीम और डाउन स्ट्रीम में पहले ही गाइड बांध बनाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।’ उन्होंने इस गंभीर चूक के लिए पथ निर्माण मंत्री और क्षेत्र के विधायक कुमार शैलेंद्र से तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
अपर्णा कुमारी ने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले मंत्री ने कहा था कि यदि राघोपुर बांध कटता है तो वे इस्तीफा दे देंगे। अब जब बांध में फिर से कटाव की स्थिति बनी है, तो उन्हें अपने बयान के मुताबिक पद छोड़ देना चाहिए।
इस बीच, सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राघोपुर में जारी कटाव को समय रहते रोका जा सकेगा? क्या गंगा की धारा को विक्रमशिला सेतु की दिशा में बढ़ने से पहले ही नियंत्रित किया जा पाएगा? जल संसाधन विभाग की टीम बचाव कार्य में जुटी है, लेकिन कटाव के निरंतर जारी रहने से खतरे की आशंका बनी हुई है, जिसपर सबकी निगाहें टिकी हैं।







