Darbhanga Firing: प्रभास रंजन दरभंगा। दरभंगा में निर्माणाधीन एम्स के पास जमीन विवाद को लेकर हुई गोलीबारी से इलाके में हड़कंप मच गया है। बिशनपुर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में विजय भगत नामक एक युवक को गर्दन के पास गोली लगी है, जिसका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में पांच नामजद सहित कुल 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
विजय भगत के भाई अजय भगत के बयान पर बिशनपुर थाना कांड संख्या 156/26 दर्ज किया गया है। अजय भगत ने पुलिस को बताया कि उनके दोस्त ने फोन कर सूचना दी कि विजय भगत को गोली लगी है। विजय भगत अपने दोस्तों राहुल मंडल, शुभम कुमार और ऋतिक कुमार के साथ बैठे थे, तभी हनुमान नगर के मुखिया राम जी राम ने उन्हें बताया कि निर्माणाधीन एम्स के बाउंड्री के पास 10 से 15 लोगों ने उन्हें घेर लिया है और तुरंत वहां पहुंचने को कहा।
दरभंगा में खूनी खेल! AIIMS के पास जमीन विवाद में चली गोली, 17 पर केस, SIT गठित
Darbhanga Firing: दरभंगा में निर्माणाधीन एम्स के पास हुए गोलीबारी मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी है। इस घटना में विजय भगत नामक युवक को गर्दन में गोली लगी है, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बिशनपुर थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात को लेकर घायल विजय भगत के भाई अजय भगत के बयान पर बिशनपुर थाना कांड संख्या 156/26 दर्ज किया गया है। इस मामले में 5 नामजद और 12 अज्ञात सहित कुल 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामले की छानबीन तेज कर दी है।
कैसे हुई निर्माणाधीन एम्स के पास गोलीबारी?
अजय भगत ने पुलिस को बताया कि उनके दोस्त ने फोन पर सूचना दी कि उनके भाई विजय भगत को गोली लगी है। दोस्त ने बताया कि विजय भगत, राहुल मंडल, शुभम कुमार और ऋतिक कुमार एक साथ बैठे थे। इसी दौरान मुखिया राम जी राम ने उन्हें सूचना दी कि निर्माणाधीन एम्स के पास, जहां बाउंड्री का काम चल रहा है, वहां 10 से 15 लोगों ने उन्हें घेर लिया है और तुरंत वहां पहुंचने को कहा। विजय भगत अपने साथियों के साथ जैसे ही घटनास्थल पर पहुंचे, वहां पहले से घात लगाए बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल निवासी चुन्नू सिंह और कुंदन सिंह, लहेरियासराय थाना क्षेत्र के अभंडा निवासी अकबर, पंडा सराय निवासी रौनक किंग, हाउसिंग बोर्ड निवासी सानू सिंह, और 8 से 10 अज्ञात लोग मौजूद थे।
इन लोगों ने विजय भगत और उनके साथियों को घेर लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। सभी नामजद आरोपियों के हाथों में पिस्तौल थी और उन्होंने विजय भगत व उनके दोस्तों पर फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाकर भागने के दौरान विजय भगत को गर्दन के पास गोली लग गई। अजय भगत के अनुसार, उनके भाई को एकमी के पास आरोपी ने पिस्तौल से गोली मारी, जो सीधे गर्दन में लगी।
पुलिस की कार्रवाई और एसआईटी का गठन
प्रभारी एसडीपीओ 1 एसके सुमन ने इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि एक पक्ष के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दूसरे पक्ष की ओर से अभी तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन यदि आवेदन मिलता है तो उस पर भी मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने शिवपुरी स्मार्ट सिटी के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकाले हैं, जिसके आधार पर जांच जारी है। कुछ लोगों द्वारा मोबाइल से बनाए गए वीडियो भी बरामद हुए हैं।
सीसीटीवी फुटेज में यह भी सामने आया है कि कुछ हमलावरों ने शिवपुरी स्मार्ट कार्यालय पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन मजबूत लोहे का गेट नहीं तोड़ पाए, जिससे वे सीसीटीवी डीवीआर तक नहीं पहुंच सके। गेट नहीं खुलने पर हमलावरों ने बाहर खड़ी दो मोटरसाइकिलों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को जब्त कर लिया है और उनके मालिकों की पहचान की जा रही है। एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी के निर्देश पर इस मामले की गहन छानबीन के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। बिशनपुर थाना और टेक्निकल सेल की टीमें भी जांच में जुटी हैं। हालांकि, पुलिस को अभी तक कोई हथियार या खोखा बरामद नहीं हुआ है।
जमीन विवाद है गोलीकांड की जड़
इस गोलीबारी की घटना के पीछे एक साल पुराना जमीनी विवाद बताया जा रहा है। एक पक्ष से धर्मेंद्र साह और दूसरे पक्ष से हनुमान नगर के मुखिया राम जी राम के बीच पिछले एक वर्ष से जमीन को लेकर तनातनी चल रही है। दोनों पक्षों ने अंचलाधिकारी को कागजात के साथ आवेदन भी दिए थे, लेकिन अंचलाधिकारी ने डिग्री देने के बजाय उन्हें सक्षम न्यायालय में जाने का आदेश दिया था।
पिछले एक महीने में दोनों पक्षों के बीच 4 से 5 बार पंचायत भी हुई, लेकिन मामला सुलझने के बजाय और बिगड़ गया। मुखिया राम जी राम ने जमीन पर धारा 144 लगाने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन इसी बीच दूसरे पक्ष की ओर से निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया। मुखिया ने इसकी सूचना थाने को भी दी थी, लेकिन उस समय पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद गोलीबारी और मारपीट की यह घटना हुई। इस घटना ने दरभंगा में बढ़ते जमीनी विवादों और उनके हिंसक परिणामों पर चिंता बढ़ा दी है।
विजय भगत अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे, जहां बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल निवासी चुन्नू सिंह, कुंदन सिंह, लहेरियासराय थाना क्षेत्र के अभंडा निवासी अकबर, पंडा सराय निवासी रौनक किंग, हाउसिंग बोर्ड निवासी सानू सिंह और 8 से 10 अज्ञात लोग पहले से घात लगाकर खड़े थे। इन लोगों ने विजय भगत और उनके दोस्तों को घेर लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। सभी नामजद आरोपियों के हाथों में पिस्तौल थी और उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाकर भागने के दौरान विजय भगत के गर्दन में गोली लग गई।
सीसीटीवी फुटेज से खुले कई राज, दो बाइक जब्त
गोलीबारी की इस घटना के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। प्रभारी एसडीपीओ 1 एसके सुमन ने बताया कि एक पक्ष के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे पक्ष की ओर से अब तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन यदि आवेदन मिलता है तो उसे भी दर्ज किया जाएगा। शिवपुरी स्मार्ट सिटी के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकाले गए हैं, जिसके आधार पर जांच की जा रही है। कुछ लोगों द्वारा मोबाइल से बनाए गए वीडियो भी बरामद हुए हैं।
हमलावरों ने शिवपुरी स्मार्ट कार्यालय पर हमला करने की भी कोशिश की, लेकिन मजबूत लोहे का गेट नहीं तोड़ पाए, जिससे उन्हें सीसीटीवी डीवीआर हाथ नहीं लगा। दरवाजा न खुलने पर उन्होंने बाहर खड़ी दो बाइकों को लाठी-डंडों से क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने इन दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को जब्त कर लिया है और उनकी पहचान की जा रही है।
प्रभारी एसडीपीओ 1 एसके सुमन ने बताया, ‘एक पक्ष के भारत बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया है वहीं दूसरे पक्ष की ओर से अब तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। यदि आवेदन प्राप्त होता है तो मामला दर्ज किया जाएगा।’
एक साल पुराना है जमीन विवाद, कई पंचायतें हुईं
यह पूरा विवाद धर्मेंद्र साह और नरसरा के मुखिया राम जी राम के बीच एक साल से चल रहे जमीनी विवाद का परिणाम है। दोनों पक्षों ने अंचलाधिकारी को कागजात के साथ आवेदन दिया था, लेकिन अंचलाधिकारी ने डिग्री न देकर उन्हें सक्षम न्यायालय में जाने का आदेश दिया था। पिछले एक महीने में दोनों पक्षों के बीच 4 से 5 बार पंचायत भी हुई थी, लेकिन मामला सुलझने के बजाय और बिगड़ गया।
मुखिया राम जी राम ने जमीन पर धारा 144 लगाने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन इसी बीच दूसरे पक्ष की ओर से निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया। मुखिया ने इसकी सूचना थाने को भी दी थी, लेकिन उस समय पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी के बाद गोलीबारी और मारपीट की यह घटना हुई। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे को खदेड़ते और गोलियों की आवाज सुनाई दे रही है। यदि दोनों पक्ष दूर न होते, तो गोली लगने से कई लोग घायल हो सकते थे।
एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया है। बिशनपुर थाना और टेक्निकल सेल की टीम भी मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस को अब तक कोई हथियार या खोखा बरामद नहीं हुआ है, लेकिन जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।
पढ़िए विस्तार से
Bihar Land Dispute: दरभंगा के बिशनपुर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन एम्स के पास एक जमीन विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया है। दो पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में विजय भगत नामक व्यक्ति घायल हो गए हैं। इस मामले में पुलिस ने 5 नामजद सहित कुल 17 लोगों के खिलाफ बिशनपुर थाना कांड संख्या 156/26 दर्ज किया है। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है।
घायल विजय भगत के भाई अजय भगत के फर्द बयान के अनुसार, उनके दोस्त ने फोन कर बताया कि विजय भगत को गोली लगी है। जानकारी मिली कि विजय भगत, राहुल मंडल, शुभम कुमार और ऋतिक कुमार के साथ बैठे थे। इसी दौरान हनुमान नगर के मुखिया राम जी राम ने उन्हें सूचना दी कि निर्माणाधीन एम्स के पास जहां बाउंड्री का काम चल रहा है, वहां 10 से 15 लोगों ने उन्हें घेर लिया है और तत्काल पहुंचने को कहा।
विजय भगत अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे तो वहां पहले से ही बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल निवासी चुन्नू सिंह और कुंदन सिंह, लहेरियासराय थाना क्षेत्र के अभंडा निवासी अकबर, पंडा सराय निवासी रौनक किंग, हाउसिंग बोर्ड निवासी सानू सिंह सहित 8 से 10 अज्ञात लोग घात लगाए खड़े थे। इन लोगों ने विजय भगत और उनके साथियों को घेरकर गाली-गलौज शुरू कर दी। सभी नामजद आरोपियों के हाथों में पिस्तौल थी और उन्होंने विजय भगत व उनके दोस्तों पर फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाकर भागने के दौरान विजय भगत की गर्दन के पास गोली लग गई। उन्होंने बताया कि यह घटना एकमी के पास हुई।
पुलिस की कार्रवाई और एसडीपीओ का बयान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रभारी एसडीपीओ 1 एसके सुमन ने बताया कि एक पक्ष के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया,
‘एक पक्ष के भारत बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया है वहीं दूसरे पक्ष की ओर से अब तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। यदि आवेदन प्राप्त होता है तो मामला दर्ज किया जाएगा।’
पुलिस ने शिवपुरी स्मार्ट सिटी कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकाले हैं और कुछ लोगों द्वारा बनाए गए मोबाइल वीडियो भी बरामद किए गए हैं। इन सबूतों के आधार पर जांच जारी है।
कार्यालय पर हमला और बाइक जब्त
घटना के दौरान कुछ हमलावरों ने शिवपुरी स्मार्ट सिटी कार्यालय पर भी हमला किया, लेकिन मजबूत लोहे का गेट होने के कारण वे उसे तोड़ नहीं पाए। डीवीआर तक पहुंचने में असफल रहने पर, हमलावरों ने बाहर खड़ी दो बाइकों को लाठी-डंडों से क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने इन दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को जब्त कर लिया है और उनकी पहचान की जा रही है। बताया जाता है कि धर्मेंद्र साह दो दर्जन से अधिक लोगों के साथ चहारदीवारी का निर्माण कार्य करवा रहे थे।
एक साल से चला आ रहा जमीन विवाद
इस गोलीबारी के पीछे धर्मेंद्र साह और हनुमान नगर के मुखिया राम जी राम के बीच पिछले एक साल से चला आ रहा जमीन विवाद है। दोनों पक्षों ने अंचलाधिकारी को आवेदन दिए थे, लेकिन कागजात की जांच के बाद अंचलाधिकारी ने सक्षम न्यायालय में जाने का आदेश दिया था। पिछले एक महीने में दोनों पक्षों के बीच 4 से 5 बार पंचायत भी हुई, लेकिन मामला सुलझने के बजाय और बिगड़ गया। मुखिया राम जी राम ने जमीन पर धारा 144 लगाने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन इसी बीच दूसरे पक्ष द्वारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। मुखिया ने इसकी सूचना थाना को भी दी थी, लेकिन उस समय पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद ही यह गोलीबारी और मारपीट की घटना हुई।
सोशल मीडिया पर घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे को खदेड़ते और गोलियों की आवाज सुनाई देती है। अत्यधिक दूरी होने के कारण केवल एक व्यक्ति को गोली लगी, अन्यथा कई और लोग घायल हो सकते थे। घायल विजय भगत का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी के निर्देश पर एक एसआईटी टीम का गठन किया गया है। बिशनपुर थाना और टेक्निकल सेल की टीम मामले की गहन छानबीन कर रही है, हालांकि अब तक कोई हथियार या खोखा बरामद नहीं हुआ है।







