Jale Divyang Camp: दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में दिव्यांग बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 68 बच्चों की जांच हुई, जिसके बाद 21 बच्चों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है। बिहार शिक्षा परियोजना के समावेशी शिक्षा प्रभाग द्वारा आयोजित इस पहल से दिव्यांगता से जूझ रहे बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगी है।
दिव्यांग बच्चों को मिलेगी बड़ी राहत
बुधवार को बुनियादी विद्यालय दोघरा में लगे इस शिविर का मुख्य उद्देश्य छह से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग बच्चों को आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान करना था। सिविल सर्जन कार्यालय, दरभंगा से आए चिकित्सकों की टीम ने बच्चों की गहन जांच की और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सुविधाओं के लिए चिह्नित किया। इस जांच प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक बच्चे को उसकी विशिष्ट दिव्यांगता के अनुरूप सहायता मिल सके।
जाले में दिव्यांग बच्चों को मिली संजीवनी! 23 को UDID कार्ड, 21 को मिलेंगे मुफ्त उपकरण
Bihar Divyang Camp: जाले के बुनियादी विद्यालय दोघरा में आयोजित एक विशेष शिविर ने दिव्यांग बच्चों के जीवन में नई उम्मीदें जगाई हैं। जाले में बिहार शिक्षा परियोजना, दरभंगा द्वारा लगाए गए इस शिविर में 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 68 दिव्यांग बच्चों की जांच की गई, जिससे उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इस पहल से न केवल 23 बच्चों को यूडीआईडी कार्ड मिले, बल्कि 21 बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार विभिन्न उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
सिविल सर्जन कार्यालय, दरभंगा से आए चिकित्सकों ने बच्चों की गहन जांच की और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं के लिए चिह्नित किया। यह कदम दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
जांच के बाद 23 बच्चों को मिला UDID कार्ड
बिहार शिक्षा परियोजना, दरभंगा के समावेशी शिक्षा प्रभाग ने इस शिविर का आयोजन किया था। इसमें कुल 68 दिव्यांग बच्चों की जांच की गई। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद, 23 बच्चों के लिए यूडीआईडी (Unique Disability ID) कार्ड बनाए गए। यह कार्ड दिव्यांगजनों को मिलने वाली विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाने में सहायक होगा।
21 बच्चों को मिलेगी विशेष सहायक उपकरण सुविधा
शिविर में जांच के बाद कुल 21 बच्चों को उनकी दिव्यांगता के अनुरूप सहायक उपकरणों के लिए चिह्नित किया गया। इन उपकरणों में छह बच्चों के लिए व्हीलचेयर, दो बच्चों के लिए ट्राईसाइकिल, पांच बच्चों के लिए मानसिक दिव्यांगता किट और आठ बच्चों के लिए श्रवण यंत्र शामिल हैं। इन उपकरणों के मिलने से इन बच्चों की दैनिक जीवन की चुनौतियां कम होंगी और वे बेहतर जीवन जी सकेंगे।
शिविर को सफल बनाने में बीईओ प्रमोद कुमार ठाकुर, सुमन कुमार चौधरी, फिजियोथेरेपिस्ट शशि कुमार मिश्रा और ऑडियोलॉजिस्ट प्रियंका रानी सहित कई कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अगला बिहार दिव्यांग कैंप 25 सितंबर को सिंहवाड़ा में
यह शिविर दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे आयोजनों से न केवल बच्चों को शारीरिक सहायता मिलती है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है। अगला शिविर 25 सितंबर को बीआरसी सिमरी, सिंहवाड़ा में आयोजित किया जाएगा, जिससे और अधिक बच्चों को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
23 बच्चों के बने यूडीआईडी कार्ड, 21 को मिलेंगे उपकरण
जांच के उपरांत, 23 बच्चों के लिए यूडीआईडी (Unique Disability ID) कार्ड बनाए गए। यह कार्ड दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाने में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसके अतिरिक्त, शिविर में छह बच्चों को व्हीलचेयर, दो बच्चों को ट्राईसाइकिल, पांच बच्चों को मानसिक दिव्यांगता किट और आठ बच्चों को श्रवण यंत्र के लिए चिह्नित किया गया। इन उपकरणों के मिलने से इन बच्चों की दिनचर्या में बड़ा बदलाव आएगा और वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
इस महत्वपूर्ण शिविर में बीईओ प्रमोद कुमार ठाकुर, सुमन कुमार चौधरी, फिजियोथेरेपिस्ट शशि कुमार मिश्रा और ऑडियोलॉजिस्ट प्रियंका रानी सहित कई कर्मी उपस्थित रहे। इनकी देखरेख में शिविर का सफल संचालन सुनिश्चित किया गया, जिससे अधिकतम बच्चों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
अगला जाले दिव्यांग कैंप 25 सितंबर को
दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण मिलने से उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा। बिहार शिक्षा परियोजना की यह पहल सराहनीय है। अगला ऐसा ही शिविर 25 सितंबर को बीआरसी सिमरी, सिंहवाड़ा में आयोजित किया जाएगा, जिससे और अधिक जरूरतमंद बच्चों को लाभ मिल सकेगा।








You must be logged in to post a comment.