Supaul Kosi Embankment: नेपाल और जलग्रहण क्षेत्रों में हुई लगातार बारिश के बाद कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए सुपौल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित बाढ़ और कटाव के खतरे से पश्चिमी तटबंध के भीतर बसे लाखों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने सीधे ग्राउंड पर मोर्चा संभाला है।
गुरुवार को उप विकास आयुक्त (DDC) इंद्रवीर कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने कोसी नदी के पश्चिमी तटबंध का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने तटबंध की मजबूती, सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने के लिए रखी गई कटावरोधी सामग्रियों के भंडारण की जमीनी हकीकत परखी।
कटावरोधी सामग्री का जायजा: 24 घंटे तैयार रहेंगी JCB और भारी मशीनें
निरीक्षण के दौरान DDC इंद्रवीर कुमार ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता से कटावरोधी सामग्रियों की उपलब्धता और उनके सुरक्षित भंडारण के संबंध में बिंदुवार जानकारी ली। कार्यपालक अभियंता ने आश्वस्त करते हुए बताया कि तटबंध की सुरक्षा के लिए पर्याप्त मात्रा में जियो बैग, बोल्डर और अन्य कटावरोधी सामग्रियां संवेदनशील स्थलों पर पहले से स्टॉक कर रखी गई हैं। इसके अलावा, यदि नदी के अचानक उफान पर आने से कहीं भी कटाव या धसान की स्थिति पैदा होती है, तो तत्काल सुरक्षात्मक कार्य शुरू करने के लिए पर्याप्त संख्या में ट्रैक्टर, जेसीबी (JCB) और अन्य भारी मशीनों को स्टैंडबाय मोड में 24 घंटे तैनात कर दिया गया है।
संवेदनशील स्परों पर अभियंताओं की तैनाती, त्वरित रिस्पांस के लिए मजदूर अलर्ट
तटबंध की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए कार्यपालक अभियंता ने बताया कि पूरे पश्चिमी तटबंध की सतत निगरानी के लिए जगह-जगह जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में बिना एक मिनट गंवाए काम शुरू करने के लिए पर्याप्त संख्या में मजदूरों के जत्थे को भी अलर्ट रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि बीते वर्षों में तटबंध और सुरक्षा स्परों को मजबूत करने के लिए विभाग की ओर से कई महत्वपूर्ण और ठोस निर्माण कार्य कराए गए हैं। वर्तमान में भी रखरखाव से जुड़े आवश्यक कार्य लगातार जारी हैं और वर्तमान में कोसी का पश्चिमी तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित और मजबूत स्थिति में है।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने कहा कि नदी में पानी की आवक बढ़ने की स्थिति में तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तटबंध पर ही डटे रहने और नदी के जलस्तर के पल-पल के बदलाव पर नजर रखने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
कोसी के भीतर रह रहे लोगों से DDC की अपील: जलस्तर पर रखें पैनी नजर
निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए DDC इंद्रवीर कुमार ने अपील की कि बांध के अंदर रह रहे लोग भी कोसी नदी के स्वभाव और जलस्तर पर लगातार नजर रखें। यदि नदी में किसी भी तरह का असामान्य बहाव, कटाव या जलस्तर में तेजी दिखती है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या जल संसाधन विभाग को दें, ताकि समय रहते त्वरित सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकें। प्रशासन का यह कदम बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए लाखों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।








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