LNMU Student Protest: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (दरभंगा) में छात्रों की हुंकार रंग लाई है। मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) के जोरदार प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। अब 25 से 28 नवंबर के बीच छात्र संघ चुनाव संपन्न होंगे। इसके साथ ही छात्रों के लिए इंटर्नशिप को भी पूरी तरह निःशुल्क करने पर सहमति बन गई है। MSU ने गुरुवार को विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक और प्रशासनिक समस्याओं, छात्रहित के मुद्दों और अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया था।
बहुउद्देश्यीय भवन से शुरू होकर यह प्रदर्शन नारों के साथ LNMU परिसर तक पहुंचा। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और MSU कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रहित में ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पूरा विश्वविद्यालय परिसर छात्रहित से जुड़े नारों से गूंजता रहा। प्रदर्शनकारियों ने छात्र संघ चुनाव, इंटर्नशिप, विश्वविद्यालय में पारदर्शिता, जवाबदेही, शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार और आधारभूत सुविधाओं सहित MSU की 17 सूत्री मांगों को प्रमुखता से उठाया।
मिथिला यूनिवर्सिटी में छात्रों की बड़ी जीत! अब 25 से 28 नवंबर को होंगे चुनाव, इंटर्नशिप भी पूरी तरह मुफ्त
LNMU Student Union Election: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में छात्रों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) के जोरदार प्रदर्शन के बाद छात्र संघ चुनाव की तारीखें तय कर दी हैं। इसके साथ ही, अब छात्रों को इंटर्नशिप के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा, यह प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क होगी। MSU लंबे समय से इन मांगों को लेकर आंदोलनरत था, जिसका परिणाम अब सामने आया है।
MSU के दबाव में झुका प्रशासन, मिली अहम सफलता
गुरुवार को मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने 17 सूत्री मांगों को लेकर बहुउद्देश्यीय भवन से LNMU कैंपस तक एक विशाल आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय अध्यक्ष गौतम झा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में हजारों छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिन्होंने ‘छात्रहित’ के नारों से पूरे परिसर को गुंजायमान कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने छात्र संघ चुनाव, इंटर्नशिप को निःशुल्क करने, विश्वविद्यालय में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था की मांग प्रमुखता से उठाई थी।
प्रदर्शन के बाद MSU प्रतिनिधिमंडल और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच वार्ता हुई। इस वार्ता में विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ चुनाव 25 से 28 नवंबर के बीच कराने पर सहमति जताई। छात्रों के लिए इंटर्नशिप को भी पूरी तरह निःशुल्क करने का निर्णय लिया गया। MSU के राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भूषण ने इस फैसले को छात्रों की जीत बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को इन निर्णयों को धरातल पर लागू करना होगा और संगठन इसकी लगातार निगरानी करेगा।
‘संगठन का मुख्य एजेंडा भ्रष्टाचार मुक्त विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में छात्रों को किसी भी प्रकार की अनियमितता, अनावश्यक शुल्क, बिचौलियापन अथवा भ्रष्टाचार का सामना न करना पड़े, इसके लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था आवश्यक है।’
– विद्या भूषण, राष्ट्रीय अध्यक्ष, MSU
भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और छात्रहित है प्राथमिकता
विद्या भूषण ने जोर देकर कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों में स्पष्ट प्रक्रिया, समयबद्ध समाधान और शिकायतों के निपटारे की प्रभावी व्यवस्था विश्वविद्यालय की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि MSU का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की व्यवस्था को बेहतर बनाना और छात्रों को उनका अधिकार दिलाना है।
प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भूषण के साथ विश्वविद्यालय संयोजक अमन सक्सेना, नवीन साहनी, आनंद पासवान और मुस्कान मेहता शामिल थे। उन्होंने छात्र संघ चुनाव की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने की मांग की, ताकि छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिल सके। इसी तरह, इंटर्नशिप प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि छात्रों पर कोई अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
आगे की रणनीति पर MSU की कड़ी नजर
MSU नेताओं ने बताया कि विश्वविद्यालय केवल भवनों और कार्यालयों का समूह नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा शैक्षणिक संस्थान है। इसलिए, निर्णय लेने की प्रक्रिया में छात्रों की समस्याओं और आवश्यकताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि 17 सूत्री मांगों में शामिल प्रत्येक विषय पर सकारात्मक एवं समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा विश्वविद्यालय प्रशासन से है।
इस आंदोलन में रौशन मैथिल, अविनाश भारद्वाज, गोपाल चौधरी, उदय नारायण, अमित कुमार ठाकुर, सागर नवदिया, दरभंगा जिला अध्यक्ष अभिषेक यादव, झंझारपुर जिला अध्यक्ष कुन्दन भारती, मधुबनी जिला अध्यक्ष शशि अजय झा, समस्तीपुर अध्यक्ष अभिषेक राज, रचना झा, प्रियंका मिश्रा और मुस्कान मेहता सहित प्रिया, वर्षा, स्नेहा, सोनी, रजनीश प्रियेदर्शी, आशीष देव, अमन, अमृता, प्रशांत, रजनीश, गोपाल, आदर्श, शिवम्, विक्की, शुभम, मनीषा, अमित, धीरज, नितीश, घनश्याम, पिंटू, प्रतिक, संतोष, रौनक, सत्यम, सूरज, हिमांशु, विश्वनाथ, सिराज, रत्न, मिहिर, नवीन, अमित, जुगनू, रमेश, आनंद, आलोक, शिवम्, शाहिल समेत हजारों छात्र-छात्राएं मौजूद थे। MSU ने दोहराया कि यदि मांगों को निर्धारित समयसीमा में लागू नहीं किया गया, तो संगठन आगे की रणनीति तय करने के लिए बाध्य होगा।
MSU की मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता
प्रदर्शन के बाद MSU के प्रतिनिधिमंडल और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच मांगों को लेकर अहम वार्ता हुई। इस वार्ता में विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ चुनाव 25 से 28 नवंबर के बीच कराने की बात कही। साथ ही, छात्रों के लिए इंटर्नशिप को बिल्कुल निःशुल्क किए जाने पर भी सहमति जताई। MSU ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन को लिए गए निर्णयों को धरातल पर लागू करना होगा।
MSU के राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भूषण ने कहा, ‘संगठन का मुख्य एजेंडा भ्रष्टाचार मुक्त विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में छात्रों को किसी भी प्रकार की अनियमितता, अनावश्यक शुल्क, बिचौलियापन अथवा भ्रष्टाचार का सामना न करना पड़े, इसके लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था आवश्यक है।’ उन्होंने आगे कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों में स्पष्ट प्रक्रिया, समयबद्ध समाधान और शिकायतों के निपटारे की प्रभावी व्यवस्था विश्वविद्यालय की प्राथमिकता होनी चाहिए।
विद्या भूषण ने बताया कि MSU लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर आवाज उठाता रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की व्यवस्था को बेहतर बनाना और छात्रों को उनका अधिकार दिलाना है।
चुनाव और इंटर्नशिप पर बनी सहमति
वार्ता में MSU के राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भूषण, विश्वविद्यालय संयोजक अमन सक्सेना, नवीन साहनी, आनंद पासवान और मुस्कान मेहता शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने छात्र संघ चुनाव, इंटर्नशिप, शैक्षणिक व्यवस्था, छात्र सुविधाओं, विश्वविद्यालय में पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही सहित 17 सूत्री मांगों पर विस्तार से चर्चा की। MSU ने बताया कि छात्र संघ चुनाव लंबे समय से लंबित छात्र लोकतंत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। संगठन ने मांग की कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाए, ताकि छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिल सके।
इसी तरह, इंटर्नशिप को लेकर छात्रों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। MSU ने मांग की कि विश्वविद्यालय स्तर पर इंटर्नशिप की प्रक्रिया छात्रों के लिए सरल, पारदर्शी और निःशुल्क हो तथा इसके नाम पर किसी भी प्रकार की अनावश्यक राशि की वसूली नहीं की जाए।
भविष्य की रणनीति और चेतावनी
इस आंदोलन में MSU के विश्वविद्यालय अध्यक्ष गौतम झा ने नेतृत्व किया था। प्रदर्शन में MSU के वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया। इनमें रौशन मैथिल, अविनाश भारद्वाज, गोपाल चौधरी, उदय नारायण, अमित कुमार ठाकुर, सागर नवदिया, दरभंगा जिला अध्यक्ष अभिषेक यादव, झंझारपुर जिला अध्यक्ष कुन्दन भारती, मधुबनी जिला अध्यक्ष शशि अजय झा, समस्तीपुर अध्यक्ष अभिषेक राज, रचना झा और प्रियंका मिश्रा सहित दर्जनों छात्र नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे। इनके अलावा, प्रिया, वर्षा, स्नेहा, सोनी, रजनीश प्रियेदर्शी, आशीष देव, अमन, अमृता, प्रशांत, रजनीश, गोपाल, आदर्श, शिवम्, प्रशांत, विक्की, शुभम, मनीषा, अमित, धीरज, नितीश, घनश्याम, पिंटू, प्रतिक, संतोष, रौनक, सत्यम, सूरज, हिमांशु, विश्वनाथ, सिराज, रत्न, मिहिर, नवीन, अमित, जुगनू, रमेश, आनंद, आलोक, शिवम् और शाहिल समेत हजारों छात्र-छात्राएं शामिल थे।
MSU नेताओं ने कहा, ‘विश्वविद्यालय केवल भवनों और कार्यालयों का समूह नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा शैक्षणिक संस्थान है। इसलिए विश्वविद्यालय में निर्णय लेने की प्रक्रिया में छात्रों की समस्याओं और आवश्यकताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।’
संगठन ने स्पष्ट किया है कि 17 सूत्री मांगों में शामिल प्रत्येक विषय पर विश्वविद्यालय प्रशासन से सकारात्मक और समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा है। MSU ने यह भी दोहराया कि वार्ता के दौरान सामने आए निर्णयों एवं आश्वासनों के क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा की जाएगी। यदि मांगों को निर्धारित समयसीमा में लागू नहीं किया गया, तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा। MSU का लक्ष्य भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी, जवाबदेह और छात्रहितैषी विश्वविद्यालय का निर्माण करना है।







