Darbhanga Prohibition: बिहार में दरभंगा जिले में मद्यनिषेध कानून को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत जब्त किए गए 30 वाहनों की सार्वजनिक नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। इस नीलामी से सरकारी खजाने में लगभग 29 लाख 18 हजार रुपये का राजस्व आने की उम्मीद है, जो अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ चल रही मुहिम का प्रत्यक्ष परिणाम है।
सहायक आयुक्त मद्यनिषेध, दरभंगा के प्रदीप कुमार ने जानकारी दी कि 24 सितंबर 2026 को आयोजित इस नीलामी में कुल 30 वाहन बेचे गए। इन वाहनों में 11 सामान्य श्रेणी के और 19 कबाड़ घोषित किए गए वाहन शामिल थे। नीलामी की पूरी प्रक्रिया जिला वाहन नीलामी समिति द्वारा निर्धारित नियमों और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की गई।
जब्त वाहनों की नीलामी से राजस्व
नीलाम किए गए 11 सामान्य वाहनों में दो ट्रक, पांच चार पहिया वाहन, तीन मोटरसाइकिल और एक ठेला शामिल थे। वहीं, कबाड़ घोषित किए गए 19 वाहनों में आठ चार पहिया वाहन और दस मोटरसाइकिल शामिल थे। मद्यनिषेध विभाग और पुलिस विभाग द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई के तहत इन वाहनों को जब्त किया गया था, और बाद में समाहर्ता न्यायालय, दरभंगा द्वारा इन्हें राज्यसात किया गया।
प्रदीप कुमार ने बताया कि मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 (यथा संशोधित 2018/2022) के प्रभावी क्रियान्वयन के क्रम में जब्त और राज्यसात किए गए वाहनों का निष्पादन नियमानुसार सार्वजनिक नीलामी के माध्यम से किया जाता है। इस प्रक्रिया से न केवल जब्त वाहनों का उचित निपटारा सुनिश्चित होता है, बल्कि सरकार को महत्वपूर्ण राजस्व भी प्राप्त होता है।
सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार ने कहा, ‘आज आयोजित नीलामी में शामिल वाहनों से लगभग 29 लाख 18 हजार रुपये राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। नीलामी से प्राप्त राशि नियमानुसार सरकारी राजस्व में जमा की जाएगी।’
अवैध शराब पर जारी रहेगी कार्रवाई
मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए विभाग और पुलिस विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन और सेवन के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, जब्त और राज्यसात किए गए वाहनों के नियमानुसार निष्पादन की प्रक्रिया भी निरंतर जारी रहेगी, जिससे कानून का उल्लंघन करने वालों पर आर्थिक और कानूनी दोनों तरह से दबाव बना रहेगा।







