Araria News: बिहार के अररिया जिले में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां फुलकाहा थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव में बलुआही धार में डूबने से दो विवाहित महिलाओं की दुखद मौत हो गई। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद पूरे गांव में गहरा मातम पसर गया है। दोनों महिलाएं मवेशियों के लिए चारा लेने खेत गई थीं और लौटते समय धार पार करते हुए गहरे पानी में चली गईं।
यह दर्दनाक हादसा फुलकाहा थाना क्षेत्र के मानिकपुर पंचायत के वार्ड संख्या-13 में घटित हुआ। मृतकों की पहचान मानिकपुर पंचायत निवासी अड़हुल देवी (पति अरुण यादव) और अर्चना देवी (पति कुंदन यादव) के रूप में हुई है। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में पुल की पुरानी मांग को हवा दे दी है, जिसकी अनदेखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
चारा लेने खेत गई थीं दोनों महिलाएं
ग्रामीणों ने बताया कि अड़हुल देवी और अर्चना देवी कुछ अन्य महिलाओं के साथ खेत में मवेशियों के लिए चारा लेने गई थीं। वापस लौटते समय बलुआही धार का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव और पानी की गहराई का सही अंदाजा न लगने के कारण दोनों महिलाएं गहरे पानी में समा गईं और डूबने लगीं।
साथ मौजूद अन्य महिलाओं ने शोर मचाकर ग्रामीणों को मौके पर बुलाया। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी को इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उसे भी मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हादसे की सूचना मिलते ही फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने बताया, ‘बारिश और बाढ़ के दौरान बलुआही धार का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। इसके कारण यहां हर साल हादसे का खतरा बना रहता है।’
स्थानीय लोगों का कहना है कि बलुआही धार पर पुल निर्माण की मांग कई वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। पुल न होने के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर धार पार करने पर मजबूर होना पड़ता है। इस त्रासदी ने एक बार फिर प्रशासन की उदासीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।







