Bihar RJD Protest: राष्ट्रीय जनता दल ने बिहार में चुनाव आयोग के खिलाफ एक व्यापक विरोध कार्यक्रम की घोषणा की है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों को अनैतिक और अवैध बताते हुए उनके पुतले दहन करने का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन 25 सितंबर को दोपहर 2 बजे राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया जाएगा।
राजद का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन चुनावी प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं को लेकर किया जा रहा है। पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर भी अपनी आपत्ति जताई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद के निर्देश और कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के परामर्श के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप
राजद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिन्हें पार्टी ने अनैतिक और अवैध करार दिया है।
पार्टी का मानना है कि इन फैसलों ने चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। यह विरोध केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संघर्ष है।
कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लोगों से पार्टी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने इस आंदोलन को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष बताया है। उनका मानना है कि यह एकजुटता ही लोकतंत्र को मजबूत कर सकती है।
पूरे बिहार में एक साथ होगा प्रदर्शन
राजद के मुताबिक, 25 सितंबर को होने वाला यह कार्यक्रम केवल एक जिले तक सीमित नहीं रहेगा। बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। दोपहर 2 बजे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करने का कार्यक्रम रखा गया है, जिससे यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंचे।
इस विरोध प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग और सरकार की प्रतिक्रिया देखना महत्वपूर्ण होगा। राजद का यह कदम आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों को प्रभावित कर सकता है, जिससे राज्य की राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ सकती है। पार्टी इस मुद्दे पर अपनी रणनीति को और धार दे सकती है।








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