Bihar Jamui Incident: जमुई में छात्रा के साथ हुई घटना के मामले में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने पीड़िता और उसके माता-पिता से मुलाकात के बाद दोषियों को एक महीने के भीतर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से सजा दिलाने का भरोसा दिया। लोक सेवक आवास में हुई इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि जमुई में छात्रा के साथ हुए दुर्व्यवहार के दोषियों को जल्द से जल्द कानूनी दंड मिलेगा। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ एक माह में स्पीडी ट्रायल के जरिए सुनवाई पूरी कर सजा दिलाई जाएगी। इस घटना पर सरकार की त्वरित और सख्त कार्रवाई का भरोसा मिलने से पीड़िता के परिवार ने राहत की सांस ली है।
कार्रवाई से मिला संतोष, अपराधियों को मिलेगी सीख
मुख्यमंत्री से मिलने के बाद पीड़िता के माता-पिता ने पत्रकारों से बात करते हुए सरकार की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी के साथ जो गलत व्यवहार हुआ, उस पर सरकार और प्रशासन ने बहुत तेजी से कदम उठाए हैं। परिजनों ने कहा कि जिन लोगों ने उनकी बेटी को प्रताड़ित किया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो रही है।
पीड़िता की मां ने बताया, ‘मुख्यमंत्री ने मेरी बेटी को अपनी बेटी कहा। उन्होंने बिना डर भय के पढ़ाई करने और आगे बढ़ने की सीख दी है। इससे बेटी का मनोबल बढ़ा और वह पहले से ठीक हुई है।’
मुख्य आरोपी नंदन यादव के एनकाउंटर पर भी परिवार ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी मिली तो खुशी हुई कि ऐसे बदमाशों को सीख मिलेगी जो बेटियों पर बुरी नजर रखते हैं। परिवार ने जोर देकर कहा कि किसी भी बेटी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए और अब कार्रवाई होने के बाद उन्हें कोई डर नहीं लगता। पीड़िता के पिता ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के लिए कठोर सजा की मांग की। उन्होंने पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर कानून व्यवस्था में अपना भरोसा जताया।
225 सोशल मीडिया ID पर केस, स्पीडी ट्रायल के लिए नोडल अधिकारी
इस मामले में पुलिस और प्रशासन ने भी तेजी से काम किया है। जमुई छात्रा से छेड़खानी के मामले में कुल 225 सोशल मीडिया आईडी पर केस दर्ज किया गया है। साथ ही तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। जमुई के एसपी और डीएम ने बताया कि स्पीडी ट्रायल के लिए कोर्ट से समन्वय स्थापित करने हेतु एसडीपीओ और डीडीसी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जमुई के डीएम नवीन ने पुष्टि की कि इस केस में स्पीडी ट्रायल के माध्यम से सजा दिलाई जाएगी। इसके लिए एक महिला आईएएस और एक महिला आईपीएस अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि कोर्ट से आग्रह कर 15 से 20 दिनों के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास किया जा सके।
परिजनों ने आम जनता से भी सरकार पर विश्वास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो गलत करने वालों को सजा देते हैं और सबकी बात सुनकर समाधान करते हैं। मुख्यमंत्री ने परिजनों को यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में कोई भी दिक्कत आने पर सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।








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