Jale CHC OPD: बिहार के जाले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की ओपीडी सेवा लगातार दूसरे दिन ठप रही। सहरसा सदर अस्पताल के चिकित्सकों पर हुई कार्रवाई के विरोध में यहां के डॉक्टरों ने ओपीडी बंद रखने का फैसला किया है, जिससे इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के ही वापस लौटना पड़ा। अस्पताल में केवल इमरजेंसी सेवा ही चालू है।
मरीजों को झेलनी पड़ रही भारी दिक्कत
जाले सीएचसी में ओपीडी बंद होने से शुक्रवार को दिनभर मरीजों की भीड़ परेशान दिखी। दूर-दराज से आए कई मरीज बिना डॉक्टर को दिखाए ही लौट गए। इस आंदोलन के कारण आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
क्या है डॉक्टरों के आक्रोश की वजह?
चिकित्सकों ने बताया कि यह आंदोलन सहरसा सदर अस्पताल के डॉ. एस.के. आजाद और डॉ. रौशन लाल को बिना निष्पक्ष जांच के जबरन पटना बुलाए जाने के विरोध में किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि उनके सहकर्मियों के साथ हुई इस कार्रवाई ने उनमें गहरा आक्रोश भर दिया है। चिकित्सकों ने 24 सितंबर से अनिश्चितकाल के लिए ओपीडी सेवा बंद रखने का आह्वान किया है।
स्थानीय चिकित्सकों ने स्पष्ट किया, ‘अस्पतालों में भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने और मामले की निष्पक्ष जांच होने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक ओपीडी सेवा बहाल नहीं की जाएगी।’
यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर डाल रही है, विशेषकर ऐसे समय में जब मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। मरीजों को उम्मीद है कि जल्द ही इस गतिरोध का समाधान निकलेगा और उन्हें उचित इलाज मिल पाएगा।







