Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले एनडीए में अंदरूनी कलह तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कड़ी चेतावनी के बावजूद जदयू विधायक अनंत सिंह ने पार्टी लाइन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वह पटना स्नातक सीट से एनडीए उम्मीदवार नीरज कुमार को जीतने नहीं देंगे और अपने समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह के लिए प्रचार करते रहेंगे। इससे गठबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सीएम की चेतावनी और बागियों पर एक्शन का अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधान परिषद चुनाव में बगावत करने वाले नेताओं को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर बागी नहीं माने तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एनडीए की एक महत्वपूर्ण बैठक में सम्राट चौधरी ने सभी घटक दलों के नेताओं से एनडीए के आठों उम्मीदवारों की जीत
सुनिश्चित करने के लिए काम करने की अपील की। इस बैठक में मौजूद सभी विधायकों, सांसदों और विधान पार्षदों को चुनावी जिम्मेदारी सौंपी गई। ग्रामीण विकास सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने भी चेतावनी दी कि अधिकृत प्रत्याशी का विरोध करने वाले किसी भी नेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एनडीए की बैठक में कौन-कौन शामिल, कौन रहा नदारद?
पटना में हुई एनडीए की इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ जदयू विधायक अनंत सिंह, पटना स्नातक के एनडीए उम्मीदवार नीरज कुमार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया जैसे प्रमुख नेता शामिल हुए। एनडीए के सभी पांच घटक दलों के विधायक, सांसद, विधान पार्षद और वरिष्ठ नेता भी इसमें मौजूद थे। हालांकि, रालोमो के तीन विधायक बैठक से नदारद रहे। रालोमो से पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश उपस्थित थे, लेकिन रालोमो विधायक दल के नेता माधव आनंद ने कहा कि वह किसी जरूरी काम से दिल्ली में थे और यह कोई ‘जरूरी मीटिंग’ नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि सारण शिक्षक सीट पर उनकी पार्टी के उम्मीदवार रामपुकार सिन्हा हैं और उनके साथ पार्टी के अन्य दो विधायक भी बाहर थे।
अनंत सिंह का सीधा ऐलान: ‘नीरज को जीतने नहीं देंगे’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की चेतावनी के ठीक बाद जदयू विधायक अनंत सिंह ने अपने बागी तेवर बरकरार रखे। बैठक से बाहर निकलने पर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि चुनाव को लेकर कोई बात नहीं हुई और वह नीरज कुमार को जीतने नहीं देंगे। अनंत सिंह ने यह भी दोहराया कि वह अनुज सिंह का ही समर्थन करेंगे और उनके लिए प्रचार जारी रखेंगे। उन्होंने पहले भी कहा था कि विधान परिषद का चुनाव पार्टी का चुनाव नहीं होता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी विधायकों को एनडीए के सभी आठ उम्मीदवारों को जीताने के लिए काम करने का निर्देश दिया है।
– नीरज कुमार, एनडीए उम्मीदवार, पटना स्नातक
एनडीए एकजुट है। हम लोग सभी सीट पर चुनाव जीतेंगे।
– मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री
एनडीए में एकजुटता का दावा, महागठबंधन पर निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर एनडीए को पूरी तरह एकजुट बताया। उन्होंने कहा कि एनडीए विधानमंडल दल की बैठकें समय-समय पर होती रहती हैं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विधान परिषद चुनाव पर भी चर्चा हुई। संजय सरावगी ने स्पष्ट किया कि एनडीए में किसी तरह का मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि पांचों दल मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं और जदयू के चार तथा भाजपा के चार प्रत्याशियों समेत सभी आठ प्रत्याशियों के लिए एनडीए एकजुट होकर मैदान में है। उन्होंने व्यक्तिगत आकांक्षाओं को पार्टी का मतभेद मानने से इनकार करते हुए महागठबंधन में ‘खंड-खंड स्थिति’ होने का दावा किया, जहां अलग-अलग दल अपनी-अपनी राजनीति कर रहे हैं। बिहार में 23 अक्टूबर को विधान परिषद चुनाव होने हैं, जिसके नतीजे 27 अक्टूबर को आएंगे।







You must be logged in to post a comment.